एक सप्ताह पहले ही बने थे थानेदार, महिला अधिवक्ता ने लगाया आरोप
रांची। राजधानी में खाकी एक बार फिर दागदार हुई है। सुखदेवनगर थाना प्रभारी रमाकांत ओझा पर महिला को जबरन थाने बुला कर प्रताड़ित करने का आरोप लगा है। इस मामले में एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया है। साथ ही दारोगा विजय कुमार को थाना प्रभारी का चार्ज सौंपा है।
यह आरोप महिला अधिवक्ता ने लगाये हैं। महिला अधिवक्ता ने थानेदार रमाकांत ओझा पर कमरे में अकेले बुलाने और झूठे केस में फंसाने का आरोप लगाया है। सुखदेव नगर थानेदार ने महिला के पासपोर्ट, मोबाइल और शादी के एलबम को भी जब्त कर लिया है। रमाकांत ओझा पर आरोप लगते ही वह छुट्टी पर चले गये हैं और दारोगा विजय कुमार को तत्काल थाना का चार्ज दे दिया गया है। इस मामले में पीड़ित महिला ने एक सुसाइड नोट भी लिखा है। वहीं इस मामले में एसएसपी ने तत्काल ही थानेदार रमाकांत ओझा को लाइन क्लोज कर दिया है।
सुसाइड नोट में पीड़िता ने लिखा है कि थानेदार ने रात भर थाना में रखा और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। और एक सादा पेज पर मेरे हस्ताक्षर लिये गये। थानेदार द्वारा लगातार मुझसे दोस्ती करने का दबाव दिया जा रहा था और एक औरत की बेबसी का फायदा सुखदेव नगर थानेदार द्वारा कैसे उठाया जा रहा था, यह इस कांड का प्रमाण है। मैं और ज्यादा बेइज्जती सहन नहीं कर सकती। मेरा किसी से कोई रिश्ता नहीं है। यह आत्महत्या नहीं मेरा कत्ल है। बता दें कि महिला ने नोट लिखने के बाद सुसाइड करने की कोशिश की थी।