रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा (जेएसएससी सीजीएल) के प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में गठित रांची पुलिस की एसआइटी ने शुक्रवार को पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो की गिरफ्तारी पटना व चेन्नई से होने की बात कही जा रही है, जबकि जांच में कुछ सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों की संलिप्तता की भी बात सामने आ रही है।

हालांकि, पुलिस की ओर से गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की गई है। एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा के निर्देश पर गठित इस कमेटी का नेतृत्व रांची सदर के नवनियुक्त डीएसपी संजीव कुमार बेसरा कर रहे हैं। एसआइटी को प्रश्नपत्र लीक किए जाने के मामले में संलिप्त अभियुक्तों की जल्द पहचान कर गिरफ्तार करने का आदेश दिया गया था।

28 जनवरी को हुआ था पेपर लीक

बताते चलें कि 28 जनवरी 2024 को झारखंड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2023 का आयोजन हुआ था, लेकिन परीक्षा संचालन के पहले ही प्रश्नपत्र लीक हो गया। इस घटना के बाद तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक सदर के नेतृत्व में स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया गया था। इसी बीच कांड के अनुसंधानकर्ता सह पुलिस उपाधीक्षक सदर, रांची का रूटीन प्रक्रिया के तहत इस जिले से स्थानांतरण हो गया।

बाद में रांची के नव नियुक्त डीएसपी, सदर को इस कांड के अग्रेतर अनुसंधान के लिए अनुसंधानकर्ता के रूप में नामित किया गया। प्रश्नपत्र लीक मामले में नामकुम थाना में 29 जनवरी 2024 को प्राथमिकी (कांड संख्या 45/24) दर्ज की गई थी। इस केस में भारतीय दंड विधान की धारा 467/ 468/420/120बी के अलावा 66 आइटी एक्ट एवं 12 झारखंड प्रतियोगिता परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम एवं निवारण) विधेयक 2023 के अन्तर्गत अज्ञात अभियुक्तों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है।

एसआइटी जल्द अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी

जालसाजी, साइबर अपराध से संबंधित धाराओं में जांच कर एसआइटी शीघ्र अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। उधर, भाजपा व अन्य छात्र संगठन प्रश्नपत्र लीक मामले की सीबीआइ जांच की भी मांग कर रहे हैं। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने इस मुद्दे पर जेएसएससी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन भी किया था। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग इस मामले में स्पष्टीकरण देते हुए स्पष्ट कर चुका है कि परीक्षा को लेकर आनलाइन आवेदन से लेकर परीक्षा परिणाम जारी करने का कार्य आउटसोर्सिंग एजेंसी द्वारा किया जाता है।

आयोग को इसकी कोई जानकारी नहीं होती है। जेएसएससी की ओर से पेपर लीक मामले की जांच के लिए कार्मिक विभाग से एसआइटी गठित करने का भी अनुरोध किया गया था।

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