16 जिलों में एक भी प्रधानाध्यापक नहीं
प्रोन्नति की आस में हर माह शिक्षक हो रहे रिटायर
रांची। झारखंड के मिडिल स्कूलों में हेडमास्टर का टोटा है। सिर्फ 55 हेडमास्टर के भरोसे राज्य के 3218 मिडिल स्कूल चल रहे हैं। यानी राज्य के मध्य विद्यालयों में 98 प्रतिशत हेडमास्टर का पद खाली है। इधर, प्रोन्नति की आस में हर माह शिक्षक रिटायर हो रहे हैं।
अलग राज्य के बाद से अब तक मध्य विद्यालय में एक भी शिक्षक का प्रमोशन हेडमास्टर के पद पर नहीं हुआ है। राज्य में 3218 पद सृजित हैं, इनमें से वर्तमान में 3163 पद रिक्त हैं। वही सिर्फ 55 हेडमास्टर के भरोसे मध्य और प्राथमिक विद्यालय को संचालित किया जा रहा है। प्रत्येक माह हेडमास्टर सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन उनके स्थान पर नियुक्ति नहीं हो रही है। हेडमास्टर नहीं होने से गुणवतापूर्ण शिक्षा की बात बेमानी है।
प्रोन्नति नियमावली में क्या है
1993 प्रोन्नति नियमावली में स्पष्ट है कि प्रत्येक वर्ष प्रमोशन के लिए वरीयता सूची का निर्माण दिसंबर में करना है और 1 अप्रैल को प्रमोशन की सूची प्रकाशित कर देनी है। ग्रेड एक से आठ तक के सभी ग्रेडों में शिक्षकों को प्रमोशन दे देना है।
जिलावार स्थिति एक नजर
जिला पद स्थिति
रांची- 299 शून्य
धनबाद-237 शून्य
सरायकेला- 100 शून्य
चतरा- 81 शून्य
खूंटी- 65 शून्य
हजारीबाग-124 शून्य
रामगढ़- 53 शून्य
सिमडेगा-80 शून्य
लोहरदगा-74 शून्य
कोडरमा-53 शून्य
साहेबगंज-87 शून्य
पाकुड़-81 शून्य
दुमका-195 03
लातेहार-120 06
गुमला-118 शून्य
जामताड़ा-103 02
पूर्वी सिंहभूम-195 शून्य
पश्चिमी सिंहभूम-160 शून्य
देवघर-167 शून्य
गढ़वा-147 05
पलामू-233 13
बोकारो-117 02
गिरिडीह-171 02
गोड्डा-174 25