रांची। रांची जिले में चुनाव की तैयारियां तेज हो गयी हैं। रांची में छह मई को वोटिंग होनी है। लोकसभा चुनाव की घोषणा होते ही आदर्श आचार संहिता कोषांग कार्य करने लगा है। आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत मिलने के बाद उसकी जांच तुरंत शुरू कर दी जायेगी। इस बार निर्वाचन आयोग ने सी विजिल एप लांच किया है। इस एप से ही शिकायत दर्ज की जायेगी। यह जानकारी रांची के डीसी राय महिमापत रे ने सोमवार को कलेक्ट्रेट भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में दी।
हर पाली में आठ-आठ कर्मचारी रहेंगे: डीसी ने कहा कि सभी प्रखंडों में बने कंट्रोल रूप 24 घंटे काम करेंगे। इसमें तीन पालियों में काम होगा। पहली पाली सुबह छह से दोपहर दो बजे, दूसरी पाली दोपहर दो से रात 10 बजे और तीसरी पाली रात 10 से सुबह छह बजे तक चलेगी। हर पाली में आठ-आठ कर्मचारी रहेंगे। इनमें अधिकांश पंचायत सेवक हैं। प्रखंड स्तर पर बने कंट्रोल रूम के समन्वयक प्रतिनियुक्त कर दिये गये हैं। डीसी ने कहा की किसी प्रकार की शिकायत मिलने पर तुरंत कॉल करके जानकारी दी जा सकती है। एसएसपी अनीश गुप्ता ने कहा कि आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई के लिए पुलिस बलों की प्रतिनियुक्ति कर दी गयी है।
आज से होगी कार्रवाई: डीसी ने बताया कि जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी अंचल अधिकारी सहित सभी थाना प्रभारी को आदर्श आचार संहिता के अनुपालन के संबंध में निर्देश दिये गये हैं। पदाधिकारियों को अपने क्षेत्रों में विभिन्न दलों-एजेंसियों द्वारा आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से संबंधित पोस्टर-वाल राइटिंग आदि को सोमवार तक हटाने की कार्रवाई किये जाने का निर्देश दिया गया है। ऐसा नहीं होने पर मंगलवार की सुबह से कार्रवाई शुरू कर दी जायेगी। संबंधित राजनीतिक दलों-एजेंसियों आदि द्वारा संबंधित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो स्वयं उन्हें हटाने की कार्रवाई करते हुए खर्च की राशि की नियमानुसार वसूली संबंधित राजनीतिक दलों-एजेंसियों से होगी।
महिलाओं के लिए 198 मतदान केंद्र
डीसी ने बताया कि महिलाओं के लिए विशेष मतदान केंद्र बनाये गये हैं। इन मतदान केंद्रों को पिंक बूथ का नाम दिया गया है। रांची लोकसभा चुनाव के लिए रांची शहरी क्षेत्र जिसमें खिजरी, रांची, हटिया और कांके विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हिस्सा लेंगे। ऐसे 198 मतदान केंद्रों को पिंक मतदान केंद्रों के रूप में चयनित किया गया है। इन मतदान केंद्रों के लिए सबसे खास बात यह होगी कि यहां न सिर्फ महिला मतदाता होंगी। बल्कि यहां के सभी मतदानकर्मी और पुलिसकर्मी भी महिला ही होंगी। हर केंद्रों पर चार मतदानकर्मी, एक बीएलओ और कम से कम 1/4 की महिला पुलिस बल की व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी।