आफताब अंजुम
गुमला। लॉकडाउन में कहने को तो अंतर राज्य सीमाएं सील कर दी गयी हैं, लेकिन विभिन्न राज्यों से लगातार लोग झारखंड में प्रवेश कर रहे हैं और वह भी बिना किसी रोक-टोक के। ओड़िशा, छत्तीसगढ़ और कोलकाता ये तीनों राज्य झारखंड से लगे हैं। इन राज्यों से सिमडेगा के रास्ते लगातार लोग गुमला जिला और रांची में प्रवेश कर रहे हैं।
इधर गुमला जिला प्रशासन यह समझ रहा है कि शहर और प्रखंड मुख्यालयों में दुकानों को बंद करा कर उसने अपने लॉक डाउन की ड्यूटी पूरी कर दी है। प्रतिदिन चलनेवाले पैसेंजर बस और कुछ एक निजी वाहनों के परिचालन को बंद करा कर जिला प्रशासन खुद अपनी पीठ थपथपा रहा है। खुद को काफी मुस्तैद बताने वाले जिला प्रशासन के पदाधिकारी दिन भर में एकाध बार जिला मुख्यालय के चक्कर लगा कर अपने कार्यालयों में जाकर अपनी ड्यूटी बजा रहे हैं और आॅल इज वेल की रिपोर्ट लगातार झारखंड सरकार को जा रही है, लेकिन हकीकत इसके ठीक उलट है।
गुमला सिमडेगा जिला में प्रवेश करने के साथ ही अंतर राज्यीय मुसाफिरों को ना ही कोई मेडिकल टेस्ट से गुजरना पड़ रहा है और ना ही कोई यह पूछने की जहमत कर रहा है कि वह कहां से आ रहे हैं और कहां जा रहे हैं। अगर आते-जाते कोई मोबाइल पीसीआर वाले पुलिसकर्मी उन्हें देखते हैं, तो वह केवल उन्हें टोक कर अपनी ड्यूटी की खानापूर्ति कर लेते हैं। पिछले तीन-चार दिनों में महाराष्ट्र से भाड़े की टैक्सियों पर पांच से छह सौ लोग बिना किसी मेडिकल चेकअप के झारखंड में घुस चुके हंै। न उन्हें सिमडेगा जिला प्रशासन ने रोका और ना ही गुमला जिला में प्रवेश करने के बाद उनका कोई मेडिकल चेकअप कराया गया।
शनिवार को फिर यह देखा गया कि छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव से 10 से 12 मोटरसाइकिल में 22 से 25 लोग सिमडेगा से बसिया वाले रास्ते से होकर मुर्शिदाबाद के लिए निकले। ये अलग बात है कि ये लोग बता रहे हैं कि उन्हें बंगाल के मुर्शिदाबाद जाना है, लेकिन इस बीच में वे कहां पर रुक जायेंगे, इसकी कोई गारंटी नहीं। झारखंड में प्रवेश होने के बाद ना तो इनका कहीं पर मेडिकल चेकअप कराया गया और ना ही इन्हें पुलिस ने कहीं पर रोक कर इनसे कुछ पूछ ताछ की। इसी तरह एक और मामला जिला मुख्यालय में देखने को मिला, जब 10 से 12 लोग इकट्ठे अचानक जिला मुख्यालय में देखे गये जो देखने से ही कहीं दूर से आते हुए यात्री लग रहे थे। टावर चौक पर कई पुलिसकर्मियों के तैनात होने के बावजूद किसी ने उनसे यह नहीं पूछा कि वे कहां से आ रहे हैं और उन्हें कहां जाना है।
आजाद सिपाही ने उनसे जब पूछताछ की, तो पता चला कि वे लोग रांची से गुमला पहुंचे हैं और वे लोग सीधे अपने घर जा रहे हैं। इस बीच उनका कहीं पर कोई मेडिकल चेकअप नहीं कराया गया है। आजाद सिपाही की टीम ने उन्हें मेडिकल जाने का सुझाव दिया और सदर अस्पताल का रास्ता बताया। वहीं शनिवार को गुमला जिला प्रशासन द्वारा स्टेडियम नंबर दो में सब्जी हाट लगाया गया था। विभिन्न स्थानों से सब्जी हाट हटवा कर स्टेडियम में सब्जी हाट लगवाया गया। इसमें सोशल डिस्टेंस बनाने के नियम की धज्जियां उड़ कर रह गयीं। हद तो यह है कि उस पर वहां माइक में यह सरकारी घोषणा करायी गयी कि अब कुछ ही देर के बाद यह सब्जी मार्केट बंद कर दिया जायेगा, जिससे वहां के लोगों में और अफरा-तफरी मच गयी। गुमला और सिमडेगा जिला प्रशासन की लगातार लापरवाही कहीं ना कहीं झारखंड को खतरे में डाल रही है। राज्य सरकार द्वारा लगाये गये लॉकडाउन की महत्ता भी समाप्त होकर रह जायेगी।