राज्यपाल रमेश बैस ने नेतरहाट के दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन रविवार को नेतरहाट आवासीय विद्यालय का भ्रमण किया। विद्यालय प्रबंधन ने उनके सम्मान में एक समारोह का आयोजन किया। इस दौरान राज्यपाल ने विद्यालय के प्रांगण में पौधरोपण किया। बाद में उन्होंने विद्यालय की लाइब्रेरी, लैबोरेट्री, क्लासरूम आदि का भी भ्रमण किया। विद्यालय के छात्रों ने अपने हाथों से बनाए राज्यपाल के चित्र को उन्हें भेंट किया।
राज्यपाल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनकी इच्छा थी कि नेतरहाट जाकर यहां की प्राकृतिक सौंदर्यता को देखें। उन्होंने कहा कि नेतरहाट वाकई काफी खूबसूरत जगह है। नेतरहाट के अलावा राज्य के कई अन्य जिलों में भी कई ऐसे पर्यटक स्थल है, जिन्हें पर्यटन के क्षेत्र में काफी अधिक विकसित किया जा सकता है। यदि झारखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए योजना बनाकर काम किया जाए तो यह राज्य देश का सबसे बड़ा पर्यटन हब बनकर उभर सकता है।
उन्होंने कहा कि वह अक्सर राज्य के मंत्रियों और अधिकारियों से इस बात पर चर्चा करते हैं कि यहां के पर्यटन इलाकों को पर्यटन के क्षेत्र में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि झारखंड में प्राकृतिक सुंदरता के साथ साथ धार्मिक रूप से भी कई ऐसे स्थल हैं जो पर्यटन के क्षेत्र में लोगों को आकर्षित करते हैं। पर्यटन क्षेत्रों में सुविधा विकसित होने से राज्य में पर्यटन को काफी बढ़ावा मिल सकता है।
राज्यपाल ने इस दौरान नेतरहाट आवासीय विद्यालय की भी जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि नेतरहाट आवासीय विद्यालय एक ऐसा विद्यालय है जहां बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि नेतरहाट आवासीय विद्यालय में पढ़कर निकले कई छात्र आज देश के कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए देश का नाम रोशन कर रहे हैं। लातेहार के पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन भी नेतरहाट के ही पूर्ववर्ती छात्र रह चुके हैं।
इससे पूर्व राज्यपाल ने रविवार की सुबह नेतरहाट के प्रसिद्ध सूर्योदय के नजारे को देखा और अपने मोबाइल के कैमरे से सूर्योदय की तस्वीर भी ली।