रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण के तीसरे दिन बुधवार को विपक्ष के हंगामे के बीच अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से निर्दलीय विधायक सरयू राय ने आम्रपाली खदान से ओवरलोडिंग के माध्यम से कोयला चोरी का मामला उठाया।
उन्होंने कहा कि 24 दिसंबर, 2021 को खान निदेशक के आदेश से आम्रपाली खदान से शिवपुरी रेल साइडिंग तक कोयला परिवहन में अनियमितता की जांच के लिए त्रिस्तरीय समिति का गठन किया गया था। समिति ने जांच में कहा था कि सात दिनों के भीतर इस पर रोक लग जायेगी, लेकिन साल भर बाद भी ओवरलोडिंग व कोयले की चोरी जारी है। उन्होंने पूरे मामले की जांच विधानसभा की कमेटी से कराने की मांग की।
जवाब में परिवहन मंत्री चम्पई सोरेन ने कहा कि ओवरलोडिंग और कोयले की चोरी के खिलाफ कार्रवाई हुई है। ओवरलोडिंग रोकने के लिए जिला प्रशासन, परिवहन और खान विभाग संयुक्त रूप से काम कर रहा है। मंत्री के जवाब पर विधायक पूरक प्रश्न पूछते कि इससे पहले ही स्पीकर ने इस प्रश्न को अगले दिन के लिए पुट कर दिया।
सरकार के जवाब से हुए नाराज, बोले-हम ऐसे मंत्री नहीं थे : लोबिन हेंब्रम
प्रश्नकाल के दौरान झामुमो विधायक लोबिन हेंब्रम ने सवाल किया कि राज्य में पेशा कानून कब लागू होगा। इसके जवाब में संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि 15 विभागों से इस विषय में रिपोर्ट मांगी गयी है। 12 विभागों ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। तीन अन्य विभागों के रिपोर्ट आने के बाद इस पर विचार किया जाएगा। इस पर पूरक प्रश्न करते हुए लोबिन हेंब्रम ने पेशा कानून के लागू होने का समय पूछा। इस पर सरकार की ओर से बताया गया कि यह कानून से संबंधित मसला है, समय देना उचित नहीं होगा। स्पीकर ने लोबिन से कहा कि आप भी मंत्री रहे हैं, इसलिए सरकारी प्रक्रिया को समझ सकते हैं, तब लोबिन ने कहा कि हम ऐसे मंत्री नहीं थे।
विपक्ष के सवालों का सरकार जवाब दे : सुदेश महतो
सुदेश महतो ने कहा कि विपक्ष चार दिनों से नियोजन नीति के बारे में जानना चाह रहा है। यह तो आपका भी फर्ज बनता है कि आप सरकार से जवाब दिला दे। मुझे तो लगता है कि आपकी चेयर दाहिनी ओर थोड़ा झुकी हुई है क्या। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अगर आप इसी भावना से ग्रसित हैं, तो इसका इलाज मेरे पास नहीं है।
रोज-रोज टी-शर्ट पहनकर आना ठीक नहीं: स्पीकर
प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के बढ़ते विरोध को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष रविंद्रनाथ महतो ने कहा कि भाजपा विधायक रोज-रोज टीशर्ट पहनकर सदन में आ रहे हैं, यह ठीक नहीं है। सदन को सदन की मर्यादा में रहने दें। सदन की मर्यादा भंग करना उचित नहीं। उन्होंने कहा कि सदन संचालन में जितनी भूमिका पक्ष की होती है, उतनी ही भूमिका विपक्ष की होती है। उन्होंने कहा कि अगर आप चाहते हैं कि हम देश के दूसरे विधानसभा की तरह कदम उठाएं। जबकि हम ऐसा नहीं चाहते हैं।
इस पर भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही ने कहा कि चार दिन से नियोजन नीति पर भाजपा विधायक मुख्यमंत्री का जवाब मांग रहे हैं। राज्य में बेरोजगारी बड़ा मुद्दा है, सदन चलने के दौरान कैबिनेट से नियोजन नीति लाई गई है। पहले तो यह लाना नहीं चाहिए था और अगर लाए हैं, तो उस पर सरकार जवाब क्यों नहीं दे रही है।