रांची। राजधानी रांची के चान्हो स्थित एक आश्रम में डबल मर्डर की घटना के दो दिन के भीतर रांची में दिनदहाड़े कोयला कारोबारी पर जानलेवा हमला से विधि-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गये हैं। यह मामला शुक्रवार को सदन में भी गूंजा। इस बीच विधानसभा आये सूबे के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि कोयला कारोबारी बिपिन मिश्रा पर हमला करने वाले की पहचान हो गयी है। जल्द ही इस मामले का खुलासा कर दिया जायेगा।
डीजीपी अनुराग गुप्ता ने बताया कि इंटरनेशनल नंबर से मैसेज आया था। उस नंबर को ट्रेस किया जा रहा है। एक बात साफ है कि इस मामले से गैंगस्टर मयंक सिंह से जोड़कर दिखाने की कोशिश हो रही है, लेकिन पुलिस ने साजिशकर्ता की पहचान कर ली है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जायेगा। दरअसल, शुक्रवार को करमटोली चौक से रिम्स के बीच बालिका उच्च विद्यालय वाली गली से जैसे ही कोयला कारोबारी बिपिन मिश्रा अपनी कार से आगे बढ़े तो पहले से घात लगाये अपराधियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी है। फायरिंग करने के बाद अपराधी फरार हो गये। बिपिन सिंह को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कारोबारी के ड्राइवर को भी गोली लगने की बात की जा रही है। हमला होने पर बिपिन मिश्रा के बाडीगार्ड ने भी जवाबी फायरिंग की है। वहीं डीजीपी ने बताया कि बुधवार की देर रात चान्हो स्थित आनंदशीला आश्रम के साधु मुकेश साह और राजेंद्र यादव हत्याकांड मामले में शामिल चार अपराधियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनकी पहचान जितेंद्र यादव, अरविंद यादव, सूरज पाहन और अफरोज अंसारी के रूप में हुई है। गिरफ्तार अपराधियों के पास से आश्रम से लूटे गये रुपये, चांदी की चेन और हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद हो चुका है। वारदात में शामिल दो अन्य अपराधियों की तलाश जारी है।