रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और पुलिस के बीच चल रहे विवाद में बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति एसके द्विवेदी की अदालत ने मामले की सीबीआई जांच का आदेश दिया है। कोर्ट ने सीबीआई में प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान करने का निर्देश देते हुए पुलिस को सभी दस्तावेज सीबीआई को सौंपने को कहा है।
यह मामला एयरपोर्ट थाना कांड संख्या 05/2026 से संबंधित है, जिसमें संतोष कुमार ने ईडी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। ईडी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस प्राथमिकी को रद्द करने और मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की थी। साथ ही शिकायतकर्ता संतोष कुमार के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने का आग्रह किया था।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, संतोष कुमार पर लगभग 23 करोड़ रुपये के सरकारी धन के गबन का आरोप है, जो कथित पेयजल घोटाले से जुड़ा है। ईडी ने इस मामले में उनके खिलाफ ECIR दर्ज किया था। ईडी के अनुसार, संतोष कुमार 12 जनवरी 2026 को खुद ईडी कार्यालय पूछताछ के लिए पहुंचे थे। पूछताछ के दौरान वे अचानक उत्तेजित हो गए और खुद ही जग उठाकर अपने सिर पर मार लिया, जिससे उन्हें मामूली चोट आई। इसके बाद संतोष कुमार ने ईडी अधिकारियों पर हमला करने का आरोप लगाते हुए एयरपोर्ट थाना में मामला दर्ज कराया।
ईडी की ओर से एसजीआई एसवी राजू, अधिवक्ता एके दास और सौरभ कुमार ने पक्ष रखा था, जबकि राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता एस नागामुथु, महाधिवक्ता राजीव रंजन और अधिवक्ता दीपांकर ने दलील पेश की थी। सूचक की ओर से अधिवक्ता सुमित गाड़ोदिया ने पक्ष रखा था। कोर्ट ने 24 फरवरी को सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था, जो आज सुनाया गया।



