गुमला। झारखंड के गुमला जिले में एक बार फिर अफवाह ने मासूम जान ले ली। बिशुनपुर थाना क्षेत्र के लापु गुड़िया टांड़ गांव में भीड़ ने एक विक्षिप्त महिला को बच्चा चोर समझकर बेरहमी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। इस दिल दहला देने वाली घटना में पुलिस ने अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
बच्चा चोर की अफवाह में महिला को बनाया निशाना
गुमला एसपी हारिस बिन जमां ने मीडिया को बताया कि 8 मार्च की रात करीब साढ़े ग्यारह बजे पुलिस को सूचना मिली कि लापु गुड़िया टांड़ गांव में तेतरा उरांव के घर के पास एक अज्ञात महिला को बच्चा चोर समझकर ग्रामीणों ने पकड़ लिया है। भीड़ ने उसके साथ मारपीट कर उसे बंधक बना रखा है। सूचना मिलते ही बिशुनपुर थाना प्रभारी अर्जुन कुमार यादव को तत्काल मौके पर भेजा गया। पुलिस पहुंची तो महिला गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली। उसे तुरंत इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिशुनपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने दर्ज किया हत्या का मामला
घटना के बाद बिशुनपुर थाना में 9 मार्च को प्राथमिकी दर्ज की गई। एसपी के निर्देश पर गुमला एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव के नेतृत्व में विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की धर-पकड़ शुरू की।
छापामारी के पहले चरण में पुलिस ने गांव के चार लोगों को दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों में तेतरा उरांव (45), बिरसाई उरांव (45), शिबलाल उरांव (50) और एतवा उरांव (64) शामिल हैं। ये सभी लापु गुड़िया टांड़ गांव के निवासी हैं। इन्हें न्यायालय में पेश करने के बाद मंडलकारा गुमला भेजा गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आसपास के गांवों में भी छापेमारी तेज कर दी। 10 मार्च को चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें लेटे उरांव (20), विशवा उरांव (30), सुदीप उरांव (18) और चन्देश्वर उरांव (19) शामिल हैं। इन्हें भी न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने जांच के दौरान घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। इनमें खून से सनी मिट्टी, कंट्रोल मिट्टी, खून लगा डंडा और एक रस्सी शामिल है। इन सभी वस्तुओं को विधिवत जब्त कर लिया गया है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
एसपी हारिस बिन जमां का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज की गई है। घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही बाकी आरोपी भी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। इस घटना ने एक बार फिर अफवाहों के खतरे को उजागर किया है और प्रशासन लोगों को जागरूक करने की मुहिम तेज कर रहा है।



