किशनगंज। किशनगंज जिले के सदर अस्पताल सहित विभिन्न सरकारी अस्पतालों में तैनात सुरक्षा गार्डों ने आउटसोर्सिंग एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गार्डों का कहना है कि वेतन कटौती, फर्जी भुगतान और अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाने पर उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है।
क्या है गार्डों का आरोप
नाम न छापने की शर्त पर गार्डों ने बताया कि एजेंसी से जुड़े लोग उन पर लगातार दबाव बना रहे हैं कि विरोध न करें। सादे कागज पर हस्ताक्षर करने को मजबूर किया जा रहा है, ताकि भविष्य में उनके खिलाफ उपयोग किया जा सके। विरोध करने वालों को सेवा समाप्ति की चेतावनी दी जा रही है। महिला गार्डों ने भी धमकी की बात कही है।
वेतन में भारी अंतर
सूचना का अधिकार से मिली जानकारी के अनुसार:
| श्रेणी | सरकारी भुगतान | गार्डों को मिल रहा | अंतर |
|---|---|---|---|
| एक्स सर्विसमैन | ₹1293/दिन | ₹500/दिन | ₹793 |
| सिविल गार्ड | ₹755/दिन | ₹290/दिन | ₹465 |
शेष राशि एजेंसी द्वारा रख ली जाती है। स्वास्थ्य विभाग से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिलता। बहाली के समय 20-30 हजार रुपये तक अवैध वसूली का भी आरोप है। सैलरी स्लिप और अधिकारों की जानकारी नहीं दी जाती।
जांच पूरी, कार्रवाई के आदेश
सदर अस्पताल में गड़बड़ी की जांच पूरी हो चुकी है। जांच में सामने आया कि कई गार्डों को एक्स सर्विसमैन बताकर भुगतान लिया जा रहा था, लेकिन वैध दस्तावेज नहीं थे। जांच टीम ने रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी है।
जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को पत्र भेजकर एजेंसी और अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष इमाम अली चिंटू ने निष्पक्ष जांच की मांग की, कहा कि पूरे जिले में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी हो सकती है।
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई शुरू हो गई है, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल गार्डों में भय का माहौल है, न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।



