एजेंसी
कोलंबो। ईस्टर के मौके पर श्रीलंका में हुए बम धमाकों को लेकर जहां भारत के पड़ोसी देश में हाहाकार मचा है, वहीं पूरी दुनिया में इन हमलों की कड़ी निंदा की जा रही है। भारत समेत पूरी दुनिया के नेताओं और खिलाड़ियों ने हमलों पर दुख जाहिर करते हुए घटना की निंदा की है।
उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने ट्वीट कर कहा, ईस्टर रविवार के पवित्र अवसर पर कोलंबो में हुए धमाकों में हताहत मासूम नागरिकों और उनके परिजनों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं। इस पावन अवसर पर इस विक्षिप्त हिंसा पर स्तब्ध हूं। इस दुर्घटना में घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना करता हूं। ईश्वर घायलों और हताहतों के परिजनों को शोक की इस घड़ी में धैर्य और साहस दें।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, कोलंबो में कई बम धमाकों की रिपोर्ट से मैं दुखी और परेशान हूं। मैं आतंकवाद के इस घृणित कार्य की कड़ी निंदा करता हूं। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी संवेदना। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट किया, श्रीलंका से आ रही परेशान करने वाली खबर पर मैं दुखी और स्तब्ध हूं। हिंसा के सभी रूप अस्वीकार्य हैं। ईस्टर शांति का त्योहार है। मेरी प्रार्थना पीड़ित परिवारों के साथ है। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने घटना पर दुख जाहिर करते हुए ट्वीट किया, श्रीलंका में चर्च और होटलों में हुए बम विस्फोट की खबर से हैरान और दुखी हूं। असहिष्णुता, कट्टरता और आतंकवाद दुख की कोई सीमा नहीं जानते।
आतंकियों ने दक्षिण एशिया को कब-कब दहलाया
नयी दिल्ली। आतंकी संगठन लिट्टे के खात्मे के बाद पहली बार श्रीलंका में इतना बड़ा आतंकी हमला हुआ है। इस हमले से पहले दक्षिण एशिया के विभिन्न देश अन्य आतंकी हमलों का भी शिकार हुए हैं। उनमें से कुछ बड़े हमले इस प्रकार हैं:
पल्लियागोडेला हत्याकांड: 172 की मौत, 83 जख्मी (1992)
बात उन दिनों की है, जब श्रीलंका में प्रभाकरन का संगठन लिट्टे मजबूत था। इस संगठन ने श्रीलंका के पोलानवार्वा जिले में मुसलमानों के गांव पर हमला किया था। 200-300 लिट्टे के सदस्यों द्वारा किये गये इस हमले में 172 लोगों की जान चली गयी थी।
इंडोनेशिया: 202 मौत (2002)
साल 2002 के 12 अक्टूबर को बाली के एक बीच (कूटा) पर सुसाइड अटैक हुआ था। यह इंडोनेशिया के इतिहास में अब तक का सबसे भयानक आतंकी हमला है। इसमें 202 लोगों की मौत हुई थी, वहीं 250 से ज्यादा घायल हो गये थे। जेमाह इस्लामिया नाम के एक चरमपंथी ग्रुप को इसका जिम्मेदार बताया गया था। संगठन से संबंधित तीन लोगों को मौत की सजा भी हुई थी।
मुंबई ट्रेन ब्लास्ट: 187 मौत, 700 से ज्यादा जख्मी (2006)
11 जुलाई 2006 को माटुंगा, माहिम, बांद्रा, खार सबवे, जोगेश्वरी, बोरीवली, मीरा रोड पर कुल सात धमाके हुए थे। इसमें 187 लोगों की मौत हुई थी और सात सौ के करीब जख्मी हो गये थे। इस हमले में 12 लोगों को दोषी करार दिया गया था।
मुंबई आतंकी हमला: 174 की मौत (2008)
देश के इतिहास में 26/11 का मुंबई हमला सबसे भयावह आतंकी हमला था। लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकियों ने इस नापाक हरकत को अंजाम दिया था। वे लोग समुद्र के रास्ते भारत में दाखिल हुए। यहां आकर वे सभी अलग-अलग गुट में बंट गये थे और छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, ताज होटल आदि को निशाने पर लिया था।
पाकिस्तान: 132 बच्चों की मौत (2014)
17 दिसंबर 2014 को पाकिस्तान के पेशावर में यह हमला हुआ था। आर्मी स्कूल में हुए इस हमले में कुल 141 लोग मारे गये थे, जिनमें से 132 स्कूली बच्चे थे। बाकी नौ लोग स्टाफ के बताये गये। आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान ने हमले की जिम्मेदारी ली थी। मौके पर पाक सेना ने छह आतंकियों को मार गिराया था।

10 दिन पहले मिला था इनपुट, भारतीय दूतावास भी था निशाने पर
कोलंबो। श्री लंका में हुए आठ सीरियल धमाकों ने दुनियाभर में दहशत फैला दी है। अब तक 207 लोगों की जान ले चुके इन धमाकों के बारे में श्रीलंका पुलिस के पास पहले से इनपुट था, बावजूद इसके धमाकों को नहीं रोका जा सका। जानकारी मिली है कि 10 दिन पहले यह इनपुट था कि देश के प्रमुख चर्चों के साथ-साथ भारतीय हाइकमीशन का आॅफिस भी कट्टरपंथियों के निशाने पर है। मिली जानकारी के मुताबिक, श्री लंका पुलिस के मुख्य अधिकारी ने 10 दिन पहले अलर्ट किया था कि देश भर के मुख्य चर्चों में ऐसे हमले हो सकते हैं। वहां के सीनियर अधिकारियों को यह चेतावनी पुलिस चीफ पूजुथ जयसुंद्रा ने 11 अप्रैल को दी थी। अपनी तरफ से भेजे गये अलर्ट में जयसुंद्रा ने लिखा था, विदेशी खुफिया विभाग ने जानकारी दी है कि एनटीजी (नैशनल तोहिथ जमात) नाम का संगठन सुसाइड हमलों की तैयारी कर रहा है। संगठन के निशाने पर मुख्य चर्चों के साथ-साथ कोलंबों में स्थित भारतीय हाइकमीशन का आॅफिस भी है। बता दें कि एनटीजी श्रीलंका का एक कट्टरपंथी मुस्लिम संगठन है। यह पिछले साल बौद्ध की मूर्तियों के साथ तोड़फोड़ करके चर्चा में आया था। इनपुट में भले ही एनटीजी का नाम आया हो, लेकिन अब तक किसी संगठन या व्यक्ति ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

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