Close Menu
Azad SipahiAzad Sipahi
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    Monday, June 15
    • Jharkhand Top News
    • Azad Sipahi Digital
    • रांची
    • हाई-टेक्नो
      • विज्ञान
      • गैजेट्स
      • मोबाइल
      • ऑटोमुविट
    • राज्य
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
    • रोचक पोस्ट
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • e-Paper
    • Top Story
    • DMCA
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Azad SipahiAzad Sipahi
    • होम
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खलारी
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुर
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ़
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सरायकेला-खरसावाँ
      • साहिबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • विशेष
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • देश
    • दुनिया
    • राजनीति
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • स्पोर्ट्स
      • हॉकी
      • क्रिकेट
      • टेनिस
      • फुटबॉल
      • अन्य खेल
    • YouTube
    • ई-पेपर
    Azad SipahiAzad Sipahi
    Home»Breaking News»रघुवर सरकार के चहेते अफसरों को बदलें सीएम : सरयू राय (interview)
    Breaking News

    रघुवर सरकार के चहेते अफसरों को बदलें सीएम : सरयू राय (interview)

    azad sipahiBy azad sipahiApril 26, 2020Updated:April 26, 2020No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Pinterest Email

    रांची। झारखंड में राजनीति की दिशा बदलनेवाले विधायक सरयू राय इन दिनों लॉकडाउन में घर में फंसे हैं। वे रांची स्थित आवास में हैं। उनकी दिनचर्या बदल गयी है। कभी समर्थकों के बीच घिरे रहनेवाले विधायक इन दिनों खेती कर रहे हैं। खूब किताबें पढ़ रहे हैं। साथ ही अपने क्षेत्र के लोगों से दूर भी नहीं हैं। फोन पर संपर्क कर रहे हैं। उनका दुख दर्द सुन रहे हैं। सरयू राय राजनीति के मंझे हुए जानकार हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उन्होंने कई तरह की सलाह पहले भी दी है और उनकी सलाहों पर सरकार ने अमल भी किया है। शनिवार को आजाद सिपाही से उनकी लंबी बातचीत हुई। इसमें लॉकडाउन में फंसे मजदूरों और छात्र, झारखंड के डगमगाती आर्थिक दशा को कैसे सुधारा जाये, इन बिंदुओं पर आजाद सिपाही के राज्य समन्वय संपादक अजय शर्मा की विस्तृत बातचीत हुई। प्रस्तुत है बातचीत के अंश-

    सवाल : कोटा और दूसरे राज्य में झारखंड के फंसे छात्र और मजदूर यहां आना चाहते हैं। उन्हें कैसे लाया जाये।
    जवाब : लॉकडाउन का एक माह हो गया है। जो भी लोग संक्रमित होंगे, चाहे वे जहां भी हों, अब उनकी पहचान हो गयी है। झारखंड के छात्र या मजदूर अगर लौटना चाहते हैं, तो सरकार को यहां आने देना चाहिए। यहां लाकर उन्हें क्वारेंटाइन किया जा सकता है। बाहर रह रहे लोग काफी परेशानी में हैं।

    सवाल : प्रधानमंत्री 27 को मुख्यमंत्रियों से एक बार फिर बात करेंगे। इस मामले को उसमें उठाया जा सकता है?
    जवाब : सीएम को इस मुद्दे पर पीएम से बात करनी चाहिए। प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर पूरी बात होनी चाहिए। झारखंड के जो लोग हैं, उन्हें लाने का प्रयास करना चाहिए। साथ ही उनकी मॉनिटरिंग भी होनी चाहिए कि जो जहां है, उन्हें सुविधा मिल रही है या नहीं।

    सवाल : पास लेने में भी परेशानी हो रही है। आपको खुद प्रशासन ने जमशेदपुर जाने की इजाजत नहीं दी?
    जवाब : पास देने में भी दोहरी नीति अपनायी जा रही है। सरकारी अफसरों के लोग कहीं फंसे नहीं हैं। उन्हें पास भी मिल जा रहा है। सरकारी गाड़ी कहीं भी जा रही है। अफसर अपने विवेक से पास दे रहे हैं। मुझे खुद पास नहीं मिला। वे कहते हैं कि जमशेदपुर के एक परिवार के यहां 40 लोग हैं। एक गृह प्रवेश में आये थे। टेल्को में ठहरे हुए हैं। जमशेदपुर के ही राधे यादव के यहां कई लोग फंसे हुए हैं। वेल्लोर और दूसरे शहरों में इलाज कराने गये लोग भी जहां-तहां फंस गये हैं।

    सवाल : इसके लिए सरकार को क्या करना चाहिए?
    जवाब : सरकार इसके लिए स्पेशल ट्रेन चलाये। मुंबई से रांची और दूसरे राज्यों के लिए ट्रेन चले और फंसे लोगों को लाया जाये। जमशेदपुर के बगल में खड़गपुर है, वहां भी ढेर सारे लोग फंसे हुए हैं।

    सवाल : हेमंत को आप क्या सलाह देना चाहते हैं?
    जवाब : सरकार को चाहिए कि वैसे अधिकारियों को तुरंत बदले, जो पूर्व की रघुवर सरकार में नाक के बाल बने हुए थे। उनके नहीं बदले जाने से एक गलत संदेश पूरे राज्य में जा रहा है। लोगों को लग रहा है कि इनके खिलाफ कभी कुछ नहीं होगा। ऐसे अफसरों को चिह्नित करके तुरंत हटाया जाये।

    सवाल : लॉकडाउन समाप्त होने के बाद सरकार को क्या कदम उठाना चाहिए। आर्थिक दशा तो डगमगा गयी है?
    जवाब : सरकार को चाहिए कि छोटे उद्योगों के बिजली बिल एक माह का माफ कर दे। साथ ही छह माह तक हाफ बिल लगे। पैसा नहीं है, इसके लिए केंद्र से पैकेज मांगे। झारखंड के छोटे उद्योगों को बैंकों से लोन दिलाये। इससे रोजगार भी बढ़ेगा और सरकार के खजाने में पैसे भी आयेंगे। झारखंड की स्थिति यह है कि दो माह बाद वह कर्मचारियों को वेतन भी नहीं दे पायेगा। मजदूरों या गरीबों के खाते में पैसा भी डालें, ताकि यहां के लोगों की स्थिति भी बेहतर बनी रहे। किसानों को आर्थिक मदद दी जाये। भारत सरकार जीडीपी का कर्ज 69 प्रतिशत है। अमेरिका में 102 परसेंट और जापान में 204 परसेंट है। झारखंड में 30 परसेंट है। इस मद में भी पैसा मिल सकता है। वे खुद इस मामले पर सरकार को पत्र लिखने जा रहे हैं।

    सवाल : अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए और क्या कदम उठाने चाहिए?
    जवाब : इस मामले पर मैं खुद सरकार को एक अलग से पत्र लिखने जा रहा हूं। सरकार को वर्तमान स्थिति को ध्यान में रख कर कोई कदम उठाना चाहिए। एक साल के राज्य के घाटे को यह सरकार भूल जाये और कदम उठाये।

    सवाल : लॉकडाउन में क्या कर रहे हैं?
    जवाब : अभी खेती कर रहा हूं। भिंडी और बैगन तैयार हो गया है। मौका मिलता है, तो खूब किताबें पढ़ता हूं। कई पुराने कागजातों को हटाया।

    सवाल : जमशेदपुर की जनता को राहत कैसे पहुंचा रहे हैं?
    जवाब : छह हजार पैकेट भोजन प्रतिदिन बांटा जा रहा है। एक कर्मचारी रखा हूं, जो बाहर फंसे लोगों से बात करता है और संबंधित अधिकारी, जिस राज्य के लिए नोडल बने हैं, उनसे बात करायी जाती है।

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleवायरल वीडियो में सिपाही को उठक-बैठक कराने वाले अधिकारी का हुआ प्रमोशन
    Next Article वैज्ञानिकों का दावा, अपने आप ठीक हुआ ओजोन परत पर बना सबसे बड़ा छेद
    azad sipahi

      Related Posts

      मंईयां सम्मान योजना में बड़ा खुलासा! 4068 अपात्र लाभुकों से होगी राशि की वसूली, कानूनी कार्रवाई की भी तैयारी

      June 15, 2026

      सड़क हादसे में युवक की मौत, सड़क जाम

      June 15, 2026

      महाधिवक्ता राजीव रंजन ने दिया इस्तीफा

      June 14, 2026
      Add A Comment

      Comments are closed.

      Recent Posts
      • मंईयां सम्मान योजना में बड़ा खुलासा! 4068 अपात्र लाभुकों से होगी राशि की वसूली, कानूनी कार्रवाई की भी तैयारी
      • ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद को मिली ज़मानत
      • सड़क हादसे में युवक की मौत, सड़क जाम
      • टीएमसी अभिषेक बनर्जी पर एक और एफआइआर, अंफान राहत कोष में 250 करोड़ के घोटाले का आरोप
      • महाधिवक्ता राजीव रंजन ने दिया इस्तीफा
      Read ePaper

      City Edition

      Follow up on twitter
      Tweets by azad_sipahi
      Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

      Palamu Division

      • Garhwa
      • Palamu
      • Latehar

      Kolhan Division

      • West Singhbhum
      • East Singhbhum
      • Seraikela Kharsawan

      North Chotanagpur Division

      • Chatra
      • Hazaribag
      • Giridih
      • Koderma
      • Dhanbad
      • Bokaro
      • Ramgarh

      South Chotanagpur Division

      • Ranchi
      • Lohardaga
      • Gumla
      • Simdega
      • Khunti

      Santhal Pargana Division

      • Deoghar
      • Jamtara
      • Dumka
      • Godda
      • Pakur
      • Sahebganj

      Subscribe to Updates

      Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

      © 2026 AzadSipahi. Designed by Launching Press.
      • Privacy Policy
      • Terms
      • Accessibility

      Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

      Go to mobile version