कोरोना वायरस को लेकर घर-घर सर्वे शुरू हो गया है. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों से लेकर आंगनबाड़ी केंद्रों के सेविका, सहायिकता, दीदी समेत अन्य सरकारी स्वयंसेवियों को भेजा गया है. वे लोग घरों में जाकर जानकारी हासिल कर रहे है. एक तरफ जहाँ लोग अपना ट्रेवल हिस्ट्री छिपाने के चक्कर में लगे है वही इस बात को ध्यान में रखते हुए नगर निगम द्वारा स्वास्थ्य सर्वेक्षण कराया जा रहा है . जिसमे परिवार में रहने वालो लोगो की संख्या के साथ कौन कहाँ से कितने दिन पहले जमशेदपुर आया है इस बात की जानकारी इक्कठा की जा रही है . इसके लिए सरकार द्वारा हर इलाके में कुछ लोगो को भेजा जा रहा है और उन्हें टास्क दिया गया है कि शहर के सभी लोगो का विवरण लेना है जिसके आधार पर संदिग्धों की जाँच की जा सके
जुगसलाई नगरपालिका में महिलायों द्वारा सर्वे की शुरुआत की जा चुकी है. जिन्हें रोजाना पचास से अस्सी घरो का सर्वे करने की जिम्मेदारी दी गयी है. ज्ञात हो कि जमशेदपुर अब तक कोरोना से अछूता है इसलिए प्रशासन द्वारा और भी सख्ती बरती जा रही है. दूसरी ओर, बर्मामाइंस स्थित इस्ट प्लांट बस्ती में लोगों ने सर्वे करने आये एक व्यक्ति को ही पकड़ लिया. स्थानीय लोगों को लगा कि सर्वे के नाम पर कोरोना वायरस फैलाने वाले दल का सदस्य उनकी बस्ती में आकर घरों में पूछताछ कर रहा है. इस सर्वे के दौरान ही उक्त व्यक्ति को लोगों ने पकड़ लिया, जिसके बाद इसकी तत्काल सूचना बर्मामाइंस थाना को दी गयी.
बर्मामाइंस पुलिस मौके पर पहुंची और सर्वे कराने की बात से इनकार करते हुए सर्वे कर रहे व्यक्ति को पकड़कर ले गयी. हालांकि, पुलिस को भी यह मालूम नहीं था कि सर्वे प्रशासन द्वारा ही कराया जा रहा है. सर्वे करने वालों की पहचान नहीं होने और सरकार की ओर से सार्वजनिक सूचना नहीं देने के कारण इस तरह की परेशानियों से हर किसी को गुजरना पड़ रहा है.