जमशेदपुर : जमशेदपुर के सेंट्रल जेल घाघीडीह सेंट्रल जेल से 255 कैदी छोड़े जायेंगे. सोमवार को ही इस पर फैसला होने वाला था, लेकिन जमशेदपुर कोर्ट से आदेश नहीं आने के कारण उनको रिहा नहीं किया जा सका. वैसे घाघीडीह सेंट्रल जेल से 255 कैदियों को रिहा करने के लिए सूची भेजी गयी है ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने से रोका जा सके. सेंट्रल जेल की ओर से बताया गया है कि जेल में काफी ज्यादा कैदी है. जेल में कैदियों की क्षमता 1680 है, जिसके बदले अभी 1874 कैदी जेल में बंद है, यानी क्षमता से करीब 196 ज्यादा है. इतनी संख्या 196 का अंतर है, जिससे जेल में ही कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने का खतरा बना हुआ है. यह तब है कि दो से तीन दिनों पहले ही करीब 50 कैदियों को जमशेदपुर के घाघीडीह जेल से घाटशिला जेल शिफ्ट किया गया था. सोशल डिस्टेंशिंग की स्थिति उत्पन्न होता नजर आ रहा है. इस समस्या से बचने के लिए जेल अधीक्षक द्वारा ही जमशेदपुर कोर्ट में भेजा जायेगा. सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए वैसे कैदियों को जेल से पे रोल पर रिहा करने का आदेश दिया है, जिन्हें सात साल या उससे कम अवधि की सजा हुई है और जिनकी उम्र 60 साल से ज्यादा है. वैसे भी लोगों को छोड़ा जा सकता है, जो सात से कम सजा पाने वाली धाराओं के मुकदमा के तहत जेल में बंद है. इस मामले को लेकर झारखंड सरकार की ओर से फैसला लिया गया है. सरकार ने यह फैसला लिया था कि गंभीर और आर्थिक अपराध के साथ दुष्कर्म जैसे मामले में कैदियों की रिहाई नहीं करने का भी फैसला लिया गया है. अन्य मामलो में पे-रोल से रिहा करने पर विचार किया जायेगा. इसके तहत रिहाई पाने वालों में मोहम्मद सोहेब, प्रताप मुखी, मोहम्मद हुसैन, अमरजीत सिंह, सायना वारसी, तस्लीमा बानो, रवि साहू, मंगल सरदार, सुभाष बोस, अरशद, इस्लामुद्दीन, सुरेश साह, अविनाश महतो, जग्गा शाह, सुरेश प्रसाद, एसके नसीम, दीपक साहू, आफताब अली, अनुज सांडिल, विनय तिवारी, मोहम्मद वकील, राहुल पासवान, शेख अशफाक, अभिषेक सिंह, जीतेन पासवान, संजय लोहार, बनरा सामद, शादाब आलम, विकास गोप, शेख आलम, जगदीश मुंडा, अमित सोले, बादल बनिया, किशुन सरदार, मोहम्मद शुभान, शेख अशफाक, राहुल पासवान, मोहम्मद वकील समेत अन्य शामिल है