यूपी में डाक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मारपीट और तोडफ़ोड़ करने वालों से अब योगी सरकार सख्ती से निपटेगी। केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कानून की तरह यहां पर सात साल तक की सजा व पांच लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश महामारी कोविड-19 विनियमावली में संशोधन करते हुए इसे दंडनीय अपराध बना दिया है।
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद के अनुसार अब इसे उत्तर प्रदेश महामारी कोविड-19 (प्रथम संशोधन) विनियमावली 2020 कहा जाएगा। कोरोना महामारी को देखते हुए इस विनियमावली को 30 जून तक या अग्रिम आदेश तक लागू करने का निर्णय लिया है। अभी तक यह विनियमावली 30 अप्रैल तक ही लागू थी।अब संशोधन के बाद इसमें जोड़ा गया है कि यदि किसी महामारी के दौरान सेवारत किसी स्वास्थ्य देखभाल सेवाकर्मी के खिलाफ किसी व्यक्ति द्वारा किए गए हिंसात्मक कार्य या महामारी के दौरान किसी संपत्ति की किसी प्रकार का नुक़सान करने के कारण ये भारत सरकार द्वारा जारी महामारी २०२० के अधिन डंडिनिय होगा