-सांसद संजय सेठ ने शुरू की थी यह अनोखी पहल
-ढाई लाख पुस्तक संग्रह का लक्ष्य भी हो गया पूरा
-अब पारस अस्पताल में भी लोग जमा कर सकेंगे पुस्तकें
आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। सांसद संजय सेठ द्वारा स्थापित नमो बुक बैंक ने ढाई साल का सफर पूरा कर लिया है। रविवार को पारस अस्पताल परिवार ने ढाई हजार पुस्तकें नमो बुक बैंक को प्रदान की। इसके साथ ही सांसद की इस अनोखी पहल ने ढाई लाख पुस्तक संग्रह का लक्ष्य भी हासिल कर लिया। इस अवसर पर सांसद संजय सेठ ने खुद पारस अस्पताल जाकर वहां से पुस्तकें प्राप्त की। उन्होंने अस्पताल परिवार द्वारा आयोजित इस सहयोग कार्यक्रम की सराहना की। सांसद ने इस अवसर पर कहा कि नवंबर 2020 में बुक बैंक हमने आरंभ किया था, तभी मुझे विश्वास था कि समाज इस बुक बैंक को सफलता के शिखर तक ले कर जायेगा। यह कार्य पूर्ण हुआ। सांसद ने कहा कि यह ज्ञान बांटने का एक महायज्ञ है, जिसमें समाज ने आहुति देने का काम किया। समाज के हर वर्ग ने इसमें आहुति दी। जो भी लोग मेरी इस मुहिम में खड़े रहे, उनकी तारीफ के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं।
सांसद ने कहा कि बुक बैंक के संचालन में समाज ने जो सहयोग दिया, उसके लिए आभार प्रकट करता हूं। सांसद ने कहा कि इस बुक बैंक की प्रशंसा खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी की। बुक बैंक को लेकर उनके लिखे गये शब्दों ने हम सबमें और भी ऊर्जा और उत्साह का संचार किया है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा हम सबको समाज हित में काम करने की शक्ति प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि बुक बैंक के लिए पुस्तकें प्रदान करने के क्रम में अस्पताल परिवार ने आज सेल्फी प्वाइंट बनाकर लोगों को प्रोत्साहित किया। मेडिकल डायरेक्टर डॉ संजय ने घोषणा की कि पारस अस्पताल नमो बुक बैंक के पुस्तक संग्रह का एक केंद्र बनेगा। इस क्षेत्र के लोग यहां पर भी अपनी पुस्तकें जमा कर सकते हैं। उन्होंने सांसद को सुझाव दिया कि नमो बुक बैंक, नमो टॉय बैंक के बाद हमें नमो कपड़ा बैंक का भी शुभारंभ करना चाहिए। कई घरों में कपड़े पड़े रहते हैं, जो बच्चों को छोटे हो जाते, उनके काम नहीं आते। ऐसे कपड़े हम दूसरे बच्चों को दे सकते हैं। उनके सुझाव पर काम करने की बात सांसद श्री सेठ ने कही। इस आयोजन में डॉ रमेश दास, डॉ नीतीश कुमार, डॉ अंशु अग्रवाल, डॉ अंकुर सौरव, डॉ अनुज कुमार, भागवत बिष्ट, कुमार यशवंत, ओम प्रकाश, शिव अक्षत, मेहा मानसी, पार्षद दीपक लोहरा, सुचिता रानी राय, मंडल अध्यक्ष उमेश यादव, चंदन पटेल सहित अन्य सदस्यों ने सराहनीय भूमिका निभायी।