रांची। झारखंड में लोकसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गयी है। चाइबासा के गम्हरिया में बीजेपी प्रत्याशी गीता कोड़ा को झामुमो समर्थकों द्वारा घेरे जाने को लेकर सियासी बवाल तेज है। इस बीच दुमका से झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रत्याशी नलिन सोरेन ने कहा कि गीता कोड़ा पर हमला होना कोई अचरज की बात नहीं है, क्योंकि झामुमो के विरोध में कोई भी विपक्षी प्रत्याशी बोलेगा, तो उसे ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने शिबू सोरेन की बहू सीता सोरेन को भी चेतावनी देते हुए कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान झामुमो पार्टी के विरोध में बोलने पर उनके साथ भी ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। नलिन सोरेन के इस बयान के बाद बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी उन पर हमलावर हुए हैं। सोशल मीडिया पर बाबूलाल ने लिखा है कि सीता सोरेन ने लगभग डेढ़ दशक तक झामुमो विधायक के रूप में पार्टी की सेवा की। यदि उन्होंने अपने साथ हो रहे अपमानजनक व्यवहार और साजिश के विरोध में पार्टी छोड़ी, तो क्या झामुमो उन पर जानलेवा हमला करा देगा!
नलिन सोरेन को ऐसा बयान शोभा नहीं देता
बाबूलाल ने कहा कि नलिन सोरेन जैसे वरिष्ठ नेता का यह वक्तव्य झामुमो के उस अंदरूनी खूनी मानसिकता को भी उजागर करता है, जिसमें हेमंत सोरेन का विरोध करनेवालों पर जानलेवा हमला भी कराया जा सकता है। कहीं दुर्गा सोरेन की मौत भी इसी खूनी मानसिकता का परिणाम तो नहीं है! मालूम हो कि बीते दिनों सीता सोरेन ने भी खुद बीजेपी आॅफिस में बैठ कर कहा था कि मेरे पति की मौत स्वाभाविक नहीं है। बाबूलाल मरांडी ने नलिन सोरेन को उनके इस वक्तव्य पर जवाब देते हुए कहा है कि वजह जो भी हो, झामुमो द्वारा भाजपा की महिला प्रत्याशियों पर हमले की धमकी देना उनकी कायरता और चुनाव के पूर्व ही पराजय को दर्शाता है। चुनाव आयोग और झारखंड पुलिस से आग्रह है, गीता कोड़ा जैसा जानलेवा प्रकरण सीता सोरेन के साथ भी ना हो, इसके लिए उचित कार्रवाई सुनिश्चित करें। डीजीपी इसका संज्ञान लें।
क्या है मामला
बता दें कि रविवार को सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी गीता कोड़ा को लोगों ने पारंपरिक हथियार तीर-धनुष, तलवार, लाठी-डंडे के साथ घेर लिया था। वह गम्हरिया प्रखंड के मोहनपुर में जनसंपर्क अभियान के तहत पहुंची थीं। गीता कोड़ा वहां भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ पहुंची थीं, लेकिन लोगों ने उन्हें गांव में घुसने से रोक दिया। जब उन्होंने दूसरे रास्ते से गांव में एंट्री की, तो एक ट्रैक्टर और 10 बाइक पर करीब 50 लोग वहां पहुंचे। गीता के मुताबिक वे सभी झामुमो समर्थक थे। यहां भाजपा-झामुमो समर्थक आपस में भिड़ गये। उन्होंने समझाने की कोशिश की, तो उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गयी। भाजपा समर्थकों ने भी गीता के समर्थन में नारे लगाये। इसके बाद दोनों ओर से धक्का-मुक्की और मारपीट हुई। इसमें गीता के पीए गणेश, भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष रश्मि साहू, गणेश महाली, अमित सिंह आदि घायल हो गये। गीता कोड़ा को घेरनेवालों का कहना था कि ग्रामसभा से परमिशन लिये बगैर भाजपा के लोग इस गांव में प्रवेश कैसे कर गये। इस संबंध में पहले गीता कोड़ा ने और फिर दूसरे पक्ष के लोगों ने भी थाने में शिकायत दर्ज करायी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। रेंज के आइजी अखिलेश झा भी जांच करने पहुंचे थे। मामला चुनाव आयोग के संज्ञान में भी आया है। भाजपा ने गीता कोड़ा की उचित सुरक्षा की मांग पुलिस प्रशासन से की है।

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