रांची। भवन पट्टा किराया और बेदखली नियंत्रण अधिनियम 2011 यथा संशोधित को नये सिरे से विधेयक प्रारूप तैयार किया जायेगा। सरकार ने इसके लिए उच्चस्तरीय कमेटी गठित की है। इस गठित समिति में सदस्य सचिव के पद पर अतुल कुमार को शामिल किया गया है। इस संबंध में नगर विकास विभाग ने आदेश जारी किया है। राज्य सरकार किराया संबंधित विवादों के त्वरित निपटारे के लिए दूसरे राज्यों के प्रावधानों का भी अध्ययन कर रही है। पंजाब, हरियाणा और छत्तीसगढ़ के प्रावधानों की भाांति अपीलय प्राधिकार के रूप में झारखंड भवन नियंत्रण अधिनियम 2011 और यथा संशोधित को लागू किया जायेगा।

महाधिवक्ता झारखंड ने भी इस संबंध में सलाह दिया है। चुनाव आचार संहिता हटने के बाद विधेयक प्रारूप को अंतिम रूप दिया जायेगा। इसकी स्वीकृति कैबिनेट से लेकर विधानसभा से भी ली जायेगी। अधिकारियों के अनुसार झारखंड में भाड़े किराये संबंधित विवादों, शिकायतों और अपराधों के निपटारे और न्याय निर्णय की शक्ति उपायुक्तों से वापस लेने का प्रस्ताव है।

भवन स्वामी और किरायेदारों के बीच उत्पन्न विवादों के निपटारे का अधिकार न्यायाधिकरण को दिया जाना है। इसके लिए भाड़ा नियंत्रण अधिकरण का गठन किया जाना है। उच्च न्यायालय की सलाह पर जिला न्यायाधीश को अधिकरण के अध्यक्ष बनाया जाना है।

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version