रांची। ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने न्यूनतम मजदूरी की दरों पर चेंबर ऑफ़ कॉमर्स की प्रतिक्रिया पर आपत्ति दर्ज की है। सीटू, इंटक, एआइटीयूसी समेत अन्य ट्रेड यूनियनों ने इस पर साझा बयान जारी किया है। इसमें बताया गया है कि न्यूनतम दर बढ़ोतरी पर चेंबर ऑफ़ कॉमर्स की ओर से आ रही प्रतिक्रिया आर्श्चयजनक है। बयान में कहा गया कि 11 अक्टूबर 2023 को परामर्शदात्री पर्षद की बैठक में शहरों के वर्गीकरण पर सहमति दी गयी थी। इसका उल्लेख श्रम विभाग द्वारा नवंबर 2023 में प्रसारित कार्यावली वार विवरण में स्पष्ट रूप से दर्ज है। दूसरी ओर चेंबर ऑफ़ कॉमर्स द्वारा न्यूनतम मजदूरी दर के साथ मनरेगा मजदूरी दर की तथाकथित तुलना न केवल अतार्किक है, बल्कि यह न्यूनतम मजदूरी की गणना के लिए सुप्रीम कोर्ट सह तमाम अधिकृत एजेंसियों और संगठनों के दिशा–निर्देशों का घोर उल्लंघन है। मंच ने वेतन संशोधन की प्रक्रिया को रोकने के लिए किसी भी कदम का डटकर मुकाबला किया जाने का ऐलान किया है। इसके लिए श्रमिक विरोधी रुख पूरी तरह से जिम्मेदार होगा। झारखंड के कामगारों के हित के खिलाफ चल रहे पूरे प्रकरण पर केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के दृष्टिकोण को बताने के लिए मंच का प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही श्रम सचिव से मुलाकात करेगा।

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