गिरिडीह।  झारखंड के Giridih में सोलर लाइट सिटी बनाने की महत्वाकांक्षी योजना अब धरातल पर विफल होती नजर आ रही है। शहर को आधुनिक और रोशन बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन कई इलाकों में आज भी अंधेरा पसरा हुआ है। पुलिस लाइन से लेकर जोड़ा पहाड़ी तक दर्जनों सोलर स्ट्रीट लाइटें या तो खराब पड़ी हैं या महीनों से बंद हैं, जिससे आम लोगों को रात के समय भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

इस परियोजना की जिम्मेदारी Shri Collection और Shri Ram Enterprises को सौंपी गई थी। हालांकि, कार्य की गुणवत्ता और नियमित मेंटेनेंस को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लाखों-करोड़ों की लागत से लगाए गए सोलर पोल महज छह महीने के भीतर ही खराब हो जाते हैं। इसके बाद फिर से टेंडर प्रक्रिया शुरू कर नई लाइटें लगाने का सिलसिला चलता रहता है, जिससे पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थिति यह है कि कई स्थानों पर पिछले आठ महीनों से पोल तक नहीं लगाए गए हैं और सड़क किनारे यूं ही पड़े हुए हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि परियोजना के क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग में भारी लापरवाही बरती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह योजना सिर्फ कागजों पर विकास दिखाने का माध्यम बनकर रह गई है।

रात होते ही कई सड़कें पूरी तरह अंधेरे में डूब जाती हैं, जिससे दुर्घटनाओं और आपराधिक घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। वहीं, स्थानीय प्रतिनिधियों ने भी संबंधित एजेंसियों को अवगत कराया, लेकिन अब तक समस्या जस की तस बनी हुई है। एजेंसी का कार्यालय Ranchi में होने के कारण त्वरित समाधान नहीं मिल पा रहा है।

अब बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जनता को अंधेरे में क्यों रहना पड़ रहा है। यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो सोलर लाइट सिटी का सपना सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह जाएगा।

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