बलिया । कोरोना पर काबू करने को लागू पूर्णबन्दी (लॉकडाउन) में महिलाओं के लिए घर चलाने में मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिले में हुई पहल की प्रसंशा हो रही है। स्कूली ड्रेस बना कर महिलाएं अपनी आर्थिक सेहत सुधारेंगी।
संयुक्त मजिस्ट्रेट आईएएस अन्नपूर्णा गर्ग कोरोना के कारण पैदा हुए संकट में अहम रोल अदा कर रही हैं। नित नए आइडिया लेकर आती हैं, जिसमें लोगों की माली हालत में सुधार की गुंजाइश रहती है। उन्ही की पहल पर स्कूली ड्रेस बनाने में जिले की महिला स्वयं सहायता सेवा समूह की सदस्य अपना सक्रिय योगदान देने को तैयार हैं।
इन महिला सदस्यों स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिलाधिकारी एसपी शाही ने एक दिन पहले जिला उद्योग केन्द्र के प्रांगण में स्कूली ड्रेस बनाने के तकनीकी प्रशिक्षण के पहले सत्र का उद्घाटन किया। जिला उद्योग केन्द्र व सेन्ट्रल बैंक आॅफ इण्डिया के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान बलिया के संयुक्त तत्वाधान में हो रहे कार्यक्रम में प्रशिक्षण को तीन लेवल में बांटा गया है।पहला स्कूली ड्रेस को मापने का तरीका, दूसरा कपड़े की कटिंग प्रोसेस और तीसरा सिलाई करना है। डीएम श्री शाही ने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे स्वयं सहायता समूह को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अन्नपूर्णा गर्ग की अध्यक्षता में एक कोर टीम का गठन किया जा रहा है, जिसमें प्रत्येक स्तर पर मदद की जायेगी।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बैकवर्ड एवं फारवर्ड लिंकेज की व्यवस्था के अन्तर्गग प्रथम सहयोग सभी बीडीओ व परियोजना अधिकारी डूडा का होगा, जिनके द्वारा स्वयं सहायता समूहों का गठन करवाकर, समूहों के खाते बैंक में खुलवाने हैं। द्वितीय सहयोग ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान एवं जिला उद्योग केन्द्र का होगा, जिनके द्वारा समूहों को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। तीसरे सहयोग के रूप में मेसर्स खालसा बैग हाऊस को कच्चे माल की व्यवस्था करने के लिए निर्देशित किया गया है।
साथ ही स्कूली ड्रेस से सम्बन्धित कारीगरों के माध्यम से विशेष तकनीकी जानकारी देने के साथ स्कूली ड्रेस के विपणन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उद्देश्य यही है कि स्वयं सहायता समूहों के सदस्य पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर बन सके।