कोरोना से भी खतरनाक है जेपीएससी का भ्रष्टाचार रूपी संक्रमण: कमल किशोर भगत
लोहरदगा। पूर्व विधायक एवं झारखंड आंदोलनकारी कमल किशोर भगत ने राज्य में नियुक्तियों के लिए उत्तरदायी झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा दर्जनों विसंगतियों के साथ प्रकाशित किये गये जेपीएससी परीक्षा के रिजल्ट को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। कहा कि जेपीएससी का भ्रष्टाचार रूपी संक्रमण वर्तमान के कोरोना संक्रमण से भी ज्यादा घातक है। कोरोना रूपी संक्रमण तो आज है, कल चला जायेगा पर जेपीएससी का भ्रष्टाचार रूपी संक्रमण हजारों युवाओं के भविष्य को अंधकारमय कर देगा। उन्होंने कहा कि आयोग के विज्ञापन में इस बात का उल्लेख था कि पेपर एक की परीक्षा क्वालिफाइंग होगी, जो 100 अंक का होगा। इसमें दो खंड होंगे। 50 अंक का हिंदी एवं 50 अंक का अंग्रेजी होगा। क्वालिफाइंग करने के लिए सिर्फ 30 अंक लाना होगा। इसका प्राप्तांक मेरिट लिस्ट में नहीं जोड़ा जाता है। जेपीएससी ने पहली से पांचवीं परीक्षा तक कभी भी ऐसा नहीं किया है, लेकिन छठी परीक्षा परिणाम के अंतिम प्रकाशन में पूर्व से निर्धारित इस शर्त का उल्लंघन करते हुए आयोग ने पेपर एक के प्राप्तांक को भी जोड़कर मेरिट लिस्ट बनाया, जो अनैतिक है। जेपीएससी की बेवसाइट पर मुख्य परीक्षा का जो सिलेवस जारी किया था, उसमें पेपर एक के बारे में यह स्पष्ट लिखा है कि यह 100 अंक का केवल एक क्वालिफाइंग पेपर होगा, जिसमें प्रत्येक उम्मीदवार को केवल 30 अंक लाना होगा। वहीं सिलेवस में पेपर-11 के बारे में कहा गया है कि यह पेपर अधिकतम 150 अंकों का होगा, पर इस पेपर में प्राप्त अंकों को मुख्य परीक्षा के मेरिट लिस्ट में जोड़ा जायेगा। कहा कि अंतिम प्रकाशित रिजल्ट में अनारक्षित वर्ग का कटआॅफ मार्क्स 600 तय किया गया है, लेकिन आरक्षित श्रेणी के एसटी-एससी-बीसी-1, बीसी-02 के वैसे छात्र, जो फाइनल मेरिट लिस्ट में 600 और उससे अधिक प्राप्त कर अनारक्षित श्रेणी में चयनित हुए, परंतु उनकी प्राथमिकता वाले सेवा चुनाव को दरकिनार कर मेरिट लिस्ट बनाया गया है। जैसे क्रमांक 68020363 वित्त सेवा-626 प्राप्तांक, क्रमांक 68007752 सूचना सेवा 611 प्राप्तांक, वहीं क्रमांक 68020843 प्रशासनिक सेवा 584 प्राप्तांक, क्रमांक 68018889 प्रशासनिक सेवा 576 प्राप्तांक, कम अंक प्राप्त करने वाले एक ही श्रेणी के उम्मीदवारों को प्रशासनिक सेवा में चयन किया गया। वहीं उसी श्रेणी के छात्र ज्यादा अंक क्रमश: 626 और 611 प्राप्त कर नीचे के सेवा के लिए चयनित किया गया। कहा कि परीक्षाफल को संशोधित कर परिणाम प्रकाशित नहीं करने पर उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।