दुमका। जमीन विवाद में सहोदर भाई एवं भतीजे ने मिलकर सुरेश मंडल को तलवार एवं फरसे से मारकर मौत के घाट उतार दिया। घटना में गंभीर रूप से घायल मृतक की पत्नी मीना देवी एवं बेटे सुमन मंडल का इलाजरत मेडिकल कॉलेज अस्पताल, दुमका में है। घटना रामगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत महुबना गांव में मंगलवार के रात 11 बजे है।
पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त तलवार, फरसा एवं रड बरामद कर वारदात में शामिल भतीजा निरंजन मंडल, सुमीत मंडल, पिता सुकदेव मंडल एवं भाई की पत्नी मीना देवी को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि मुख्य आरोपी हीरालाल मंडल अब भी फरार हो गया है।
जानकारी के अनुसार वर्षों पूर्व मृतक के पिता सुखदेव मंडल ने रामगढ़-दुमका मुख्य मार्ग पर महुबना गांव के पास किसी से घर बनाने के लिए करीब 2 बीघा जमीन लिया था। उक्त जमीन का कागजात पिता के समीप से खो जाने के बाद मृतक सुरेश मंडल ने अपने भाइयों को बिना बताए जमीन को अपने नाम लिखवा लिया। आधे जमीन पर अपना घर बनाकर रहने लगा सुरेश मंडल वर्तमान में उक्त जमीन पर ही सीमेंट छड़ आदि का व्यवसाय भी करता है।
शेष बचे जमीन पर भी उसने कुछ दिन पहले मकान बनाना शुरू कर दिया तो उसके भाई हीरालाल मंडल ने मकान बनाने से मना किया। सुरेश मंडल के द्वारा नहीं मानने पर हीरालाल मंडल ने स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ न्यायालय में भी उक्त जमीन पर मकान बनाने से रोक लगाने की अर्जी दी थी। लेकिन न्यायालय ने कागजात के अनुसार सुरेश मंडल को उक्त जमीन का हकदार मानते हुए हीरालाल मंडल की अर्जी को खारिज कर दिया था।
जिसके बाद सुरेश मंडल मकान बना रहा था। इसी को लेकर आरोपी पक्ष काफी परेशान था। मृतक सुरेश मंडल की पुत्रवधू ने बताया कि मंगलवार की रात काफी गर्मी होने के कारण उनके ससुर सुरेश मंडल खाना खाकर घर के बाहर बैठे थे।
इसी बीच आरोपियों ने हमला कर दिया। जिससे बुरी तरह घायल होकर सुरेश मंडल वहीं गिर पड़े। बीच-बचाव करने आए सुरेश मंडल के पुत्र सुमन मंडल एवं पत्नी मीना देवी भी घायल हो गई। आनन-फानन में ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को दुमका ले जाया जा रहा था। जहां रास्ते में ही सुरेश मंडल की मौत हो गई।
रामगढ़ थाना में मौजूद आरोपी निरंजन मंडल, सुमित मंडल, सुखदेव मंडल एवं मीना देवी ने बताया कि सुरेश मंडल रात के अंधेरे में मजदूर लगाकर विवादित जमीन पर मकान का निर्माण कर रहा था।
लॉक डाउन के कारण न्यायालय द्वारा कोई फैसला नहीं दिया गया है। निर्माण कार्य रोकने गए उन लोगों पर सुरेश मंडल के साथ-साथ उनके बेटे सुमन मंडल एवं निर्माण कार्य कर रहे मजदूरों ने हमला कर दिया। जिससे निरंजन मंडल गंभीर रूप से घायल है। पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों पर मामला दर्ज कर लिया है
पुलिस के रवैयै से ग्रामीण नाराज
सुरेश मंडल की हत्या के बाद महूबना के ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया कि घटना के बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। लेकिन करीब 4 घंटे बाद पुलिस गांव पहुंची। तब तक ग्रामीण व्यवस्था कर सभी को दुमका भेज चुके थे। ग्रामीणों ने बताया कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद थाना प्रभारी राजीव प्रकाश घटनास्थल पर नहीं पहुंचे।
क्या कहते है थाना प्रभारी
थाना प्रभारी राजीव प्रकाश ने बताया कि जमीन विवाद का मामला थाना में आने के बाद तत्काल मकान बनाने पर रोक लगा दिया गया था। बावजूद मृतक के द्वारा रात के अंधेरे में निर्माण कार्य किया जा रहा था। इसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई है। जिसमें सुरेश मंडल की मौत हो गई। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।