रेलवे के सात कुली और रांची पुलिस के जवानों ने सामान बाहर किया
लॉक डाउन के दौरान डोरंडा थाना बुजुर्गों को दे रहा विशेष सेवा
आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। कोटा से छात्रों को लेकर चली स्पेशल ट्रेन जब शनिवार की शाम रांची स्टेशन पर पहुंची तो छात्रों का सामान छूने को कोई तैयार नहीं था। सभी को कोरोना का डर सता रहा था। रेलवे के सात कुली के भरोस सामान बाहर नहीं निकाला जा सकता था। छात्र के पास बैग और कई अन्य सामान थे। इन कुली का साथ दिया रांची पुलिस के जवानों ने। इनमें तो कुछ दारोगा तो कुछ जमादार भी शामिल थे। सभी अपने ओहदे की परवाह किये बिना बच्चों की मदद में जुट गये थे। पुलिस का यह बदला चेहरा रेलवे स्टेशन पर दिखा था। आज तक तो लोगों के जनमानस में डंडा बरसाती पुलिस की छवि ही है। वहीं दूसरी ओर रविवार को डोरंडा थानेदार शैलेश प्रसाद द्वारा डोरंडा थाना क्षेत्र में लॉक डाउन के दौरान बड़े बुजुर्गों को विशेष सेवा दी जा रही है। जिसने एक मामला नॉर्थ ऑफिस पाड़ा में एक बुजुर्ग जो घर पे अकेले रहते थे।

उन्होंने 100 नंबर पर दावा के लिए कॉल किया और उन्होंने बताया कि वे घर पर अकेले रहते हैं। उनके बच्चे बाहर हैं उनके घर पे कोई नहीं है जो उन्हें दावा ला कर दें। जिसके बाद डोरंडा थाना प्रभारी ने तत्काल मेन रोड के दवाई दोस्त से दावा मंगवा कर उस बुजुर्ग को दावा भिजवाया। दूसरा मामला एक बुजुर्ग कुआई घागरा से 100 नंबर पर फोन कर होमियोपैथिक दवा की मांग की जिसे डोरंडा थाना प्रभारी शैलेश प्रसाद द्वारा मेन रोड फिरयालाल से होमियोपैथिक दवाई मंगा कर दिया गया। तीसरा मामला एक बुजुर्ग ने डिबडीह से दवाई के लिए संपर्क किया उन्हें भी थाना द्वारा तत्काल दवाई पहुंचाई गयी। वहीं दूसरी ओर एक महिला ने थाना से संपर्क किया कि उनके बच्चे बाहर रहते हैं और पैसा एटीएम में भेजे हैं मगर पैसा उन्हें निकालना नहीं आता थाना प्रभारी द्वारा उस महिला को भी मदद पहुंचायी गयी।

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