शहरी क्षेत्र में जलापूर्ति की लाइफ लाइन कहे जाने वाला तजना जलाशय पूरी तरह सूख चूका है। इसके कारण पूरे शहर में जल संकट गहरा गया है। शहर के लगभग डेढ़ हजार घरों में जलापूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। इससे शहरवासियों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
इस संबंध में खूंटी नगर पंचायत के अध्यक्ष अर्जुन पाहन ने कहा कि पिछले वर्ष 40 लाख रुपये खर्च कर तजना डैम से गाद (कीचड़) निकाला गया था। एक छोटा गार्डवाल का निर्माण कराया गया था, ताकि जलाशय में पानी का ठहराव हो लेकिन तजना नदी में ही पानी नहीं है, तो जलाशय में पानी कहां से आयेगा। उन्होंने कहा कि खूंटी की जनसंख्या जिस रफ्तार से बढ़ रही है और भूगर्भ जलस्तर जिस गति से नीचे जा रहा है, उससे हमारी चिंता गढ़ गयी है।
उन्होंने कहा कि जलाशय के सूखने के कारण शहर की दो डीप बोरिंग से टैंकरों के माध्यम से मुहल्लों में जलापूर्ति की जा रही है लेकिन अब डीप बोरिंग भी लगभग फेल होने की स्थिति में आ गयी है। उन्होंने कहा कि यह हम सब के लिए गंभीर चेतावनी है कि यदि हम बारिश के जल का संरक्षण नहीं करेंगे और पानी की बर्बादी नहीं रोकेंगे, तो आने वाले समय में स्थिति और भयावह हो सकती है।