दुमका। प्रस्तावित कोल कंपनियों को ग्रामीणों द्वारा जमीन उपलब्ध नहीं करवाने का मुद्दा अब तूल पकड़ता जा रहा है। एक ओर जहां कोल कंपनियां एवं प्रशासन प्रस्तावित कोल ब्लॉक एरिया के गांवों में ग्राम सभा करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए हैं, वहीं ग्रामीणों एवं रैयतों के समर्थन में अब झामुमो खुलकर उतर गया है।
इस संदर्भ में रविवार को नक्सल प्रभावित शिकारीपाड़ा प्रखंड के सरसडंगाल पंचायत भवन के समीप विधायक नलिन सोरेन की उपस्थिति में पार्टी कार्यकर्ताओं, कोल ब्लॉक आवंटित क्षेत्र के गांव के ग्राम प्रधानों एवं ग्रामीणों की एक सभा हुई। सभा में ग्रामीण एवं प्रधान एकजुट दिखे और कहा कि किसी भी सूरत में कोल कंपनियों को अपनी जमीन नहीं देंगे।
झामुमो जिला प्रवक्ता अब्दुस सलाम अंसारी ने कहा कि एसपीटी एक्ट के तहत यहां बिना ग्रामीणों की सहमति से जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जा सकता और यदि ग्रामीण जमीन नहीं देना चाहते तो उन्हें बंदूक के जोर पर बाध्य नहीं किया जा सकता। विधायक नलिन सोरेन ने कहा कि झामुमो लोगों एवं जमीन से जुड़ी हुई पार्टी है। यदि पार्टी कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीण कोल कंपनियों को जमीन नहीं देना चाहते तो उनसे कोई भी जबरदस्ती जमीन नहीं ले सकता।
इस मौके पर झामुमो केंद्रीय समिति सदस्य आलोक सोरेन, प्रखंड अध्यक्ष चुंडा हेम्ब्रम, प्रखंड सचिव प्रभुनाथ हांसदा, जोसेफ हेम्ब्रम, पूर्व जिप सदस्य सत्यनारायण हेम्ब्रम और प्रमुख शिकारीपाड़ा हुदू मरांडी सहित अन्य मौजूद थे।