रांची। राज्य प्रशासनिक सेवा की अफसर पर बिहार से लेकर झारखंड तक 19 साल से अधिक समय तक विभागीय कार्यवाही चली। यह विभागीय कार्यवाही 14 हजार रुपये की अनियमितता को लेकर चली। अफसर पर आरोप यह लगा था कि 14 हजार रुपये से डीसी बिल की अनियमित तरीके से छपाई करवाई गयी थी।
जांच में यह पाया गया कि इसमें किसी भी तरह की अनियमितता प्रतीत नहीं होती है। क्योंकि यह सक्षम पदाधिकारी के द्वारा विपत्र पारित किया गया था। जिस अफसर पर इतने लंबे समय तक विभागीय कार्यवाही चली, उस अफसर का नाम खीस्तीना हांसदा है।