रांची। वर्ष 2008 के लेक्चरर नियुक्ति घोटाला मामले में आरोपी जीएलए कॉलेज डाल्टनगंज, पलामू के लेक्चरर भीम राम को झारखंड हाइकोर्ट से जमानत मिल गयी। सीबीआइ ने भीम राम को 18 मार्च गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पूर्व में हाइकोर्ट से भीम राम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो चुकी थी। भीम राम अनुसूचित जाति कोटि में आते हैं, आरोप है कि लेक्चरर नियुक्ति में भीम राम ने पॉल्टिकल साइंस में 110 माक्स लाया था।
जबकि चयन के लिए कट आॅफ मार्क्स 120 अंक निर्धारित था। बता दें कि मामले में सीबीआई ने जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष दिलीप प्रसाद, तत्कालीन सदस्य राधा गोविंद नागेश, गोपाल प्रसाद सिंह, शांति देवी, तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक एलिस उषा रानी सिंह, धीरज कुमार समेत 69 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इसमें भीम राम सहित 63 लेक्चरर भी शामिल हैं। जेपीएससी लेक्चरर नियुक्ति घोटाला 2008 में हुआ था। जेपीएससी ने 745 लेक्चरर के लिए जेट परीक्षा आयोजित की थी। इसमें बड़े पैमाने पर पैरवी हुई। कापी पर ओवर राइट कर अंक बढ़ाये गये। मामले की गंभीरता को देखते हुए 2013 में घोटाले की जांच सीबीआइ को सौंप दी गयी थी। मामले को लेकर सीबीआइ ने कांड संख्या आरसी 4ए/ 2013 दर्ज किया था।