गढ़वा। गढ़वा जिले के मेराल थाना क्षेत्र के बंका शेराशाम गांव की किशोरी को राजस्थान के युवक के हाथों बेचने का मामला प्रकाश में आया है। यह मामला मानव तस्करी का बताया जा रहा है। लड़की के पिता का आवेदन मिलने पर जिला बाल कल्याण समिति ने मामले पर संज्ञान लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
क्या है मामला
मेराल थाना क्षेत्र के बंका शेराशाम गांव के बनारसी भुइयां की पुत्री तीन वर्ष पूर्व अपने पैतृक निवास से अचानक गायब हो गयी थी। बसंती के माता पिता अपने स्तर से खोजबीन करते रहे। लेकिन पुत्री के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। झारखंड के ही संजय चौधरी पिता सुरेश चौधरी द्वारा बच्ची को ट्रैफिकिंग कर राजस्थान पहुंचा दिया गया। उसे शादी कराने का झांसा देकर दो लाख रुपये में राजस्थान के शोकर थाना क्षेत्र के पाटन गांव के पवन सिंह से बेच दिया था। पवन सिंह के घर में जाने के कुछ दिनों बाद ही बच्ची को प्रताड़ित किया जाने लगा। इस दौरान पवन सिंह द्वारा बच्ची को दो लाख रुपये में खरीदने का भी उलाहना दिया जाने लगा। इससे तंग आकर बच्ची ने कुछ दिनों पूर्व अपने पिता को फोन कर आपबीती सुनायी। बताया गया कि इसकी जानकारी मिलने पर संजय चौधरी बच्ची को मोबाइल नंबर 9905136602 से धमकी देने लगा। पुत्री की स्थिति से अवगत होने पर बनारसी भुइयां ने पीएलवी के माध्यम से सीडब्ल्यूसी को आवेदन देकर कार्रवाई की गुहार लगायी।
उचित कार्रवाई की जा रही है : अध्यक्ष
सीडब्लूसी गढ़वा के अध्यक्ष उपेंद्रनाथ दुबे ने कहा कि यह मानव तस्करी का मामला है। बालिका के पिता द्वारा मामले की जानकारी दिये जाने पर इसमें संज्ञान लेते हुए मुख्यालय डीएसपी सह नोडल पदाधिकारी एसजेपीयू को बालिका के रेस्क्यू संबंधित कार्रवाई के लिए निर्देश देते हुए पत्र भेजा गया है। उचित कार्रवाई की जा रही है।