आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। प्रवर्तन निदेशालय (इडी) निलंबित आईएएस पूजा सिंघल के खिलाफ लगातार छानबीन कर रही है। सूत्रों ने बताया कि शनिवार को पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा इडी कार्यालय पहुंचे थे। उनसे लंबी पूछताछ हुई। सूत्रों के अनुसार अभिषेक झा से हर दिन वही सवाल दुहराये जा रहे हैं कि पूजा सिंघल के पास कहां-कहां से अवैध रुपये आ रहे थे और उन रुपयों का कहां-कहां निवेश किया गया। पूर्व में छापेमारी के वक्त जो दस्तावेज मिले थे, उन दस्तावेजों को सामने रखकर अभिषेक झा से सत्यापन करवाया जा रहा है। कई मामलों में इडी को सफलता मिल चुकी है। अभी पल्स अस्पताल, पल्स डायग्नोस्टिक, शेल कंपनियों में निवेश मामले में कुछ और जानकारी जुटाना शेष है।
दूसरी ओर संथाल के क्षेत्र खासकर साहिबगंज में अवैध पत्थर खनन, अवैध परिवहन आदि के मामलों में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल पर जांच कर रहा इडी अब इस काले धंधे में कोलकाता के व्यवसायी श्याम सरकार की भूमिका तलाश रही है।
गंगा नदी पर नौका सेवा के माध्यम से स्टोन चिप्स के अवैध परिवहन के मामले में इडी बहुत जल्द ही श्याम सरकार से पूछताछ करेगी। बताया गया कि साहिबगंज से कटिहार के बीच गंगा नदी पर नौका संचालन की जिम्मेदारी नाव यातायात सहयोग समिति लिमिटेड के पास है, जिसे कृष्णा शिपिंग लॉजिस्टिक्स के श्याम सरकार ने मालवाहक जहाज उपलब्ध कराया था। इन जहाजों में चितांगड़ा-राजधानी, ज्वार-तीन, ज्वार-चार और ज्वार- छह जहाज भी शामिल हैं।
इनमें से ही चितांगड़ा-राजधानी मालवाहक जहाज इसी वर्ष मार्च के महीने में स्टोन चिप्स लदे वाहनों के साथ दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इडी श्याम सरकार से यह जानकारी लेने का प्रयास करेगी कि उसने अवैध स्टोन चिप्स के परिवहन के लिए अनुमति दी कि नहीं। आरोप है कि साहिबगंज में नाव यातायात सहयोग समिति लिमिटेड ने कृष्णा शिपिंग लॉजिस्टिक्स से जो अनुबंध किया था, उसमें कृष्णा शिपिंग लॉजिस्टिक्स को ही जहाज के क्रू स्टाफ सहित पूरे आॅपरेशन के प्रबंधन का जिम्मा है। जहाज का संचालन सूर्यास्त के पूर्व कर लेना है, लेकिन श्याम सरकार पर आरोप है कि उसने सूर्यास्त के बाद भी ओवरलोडिंग और जहाजों के संचालन की अनुमति दी। अवैध खनन और परिवहन में भी उनकी भूमिका है या नहीं, इडी इसकी जांच कर रहा है।