आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने ट्विटर पर अपनी बात रखते हुए कहा है कि उनके ट्वीट पर सरकार नजर रखती है। वे जब भी कुख्यात दाहू यादव के आतंक की चर्चा करते हैं, तो फरार चल रहे इस अपराधी की खोजबीन करने के लिए पुलिस को नाटक करने का आदेश दिया जाता है। अब फिर उसे पकड़े जाने का मॉक ड्रिल शुरू किया गया है। उन्होंने कहा है कि यह आततायी राज्य की पुलिस के हाथ नहीं आयेगा। केंद्रीय एजेंसिया चाहं तो इसे पकड़ सकती हैं। इसके साथ ही बाबूलाल मरांडी ने ट्विटर पर गढ़वा में अवैध बालू उठाव और तस्करों को पकड़ने गये सीओ पर हमले को लेकर चिंता जतायी है। कहा है कि जब पत्रकारों ने सीओ से हमले के बारे में पूछा कि आप पुलिस को साथ लेकर क्यों नहीं गये तो उन्होंने कहा कि पुलिस को लेकर जाता तो सूचना लीक हो जाती। सीओ स्तर के अधिकारी की यह बेचारगी है। अपनी ही पुलिस पर उन्हें विश्वास नहीं है, वे जान जोखिम में डाल कर तस्करों को पकड़ने गये। माफियाओं के साथ पुलिस की ऐसी सांठगांठ है कि कुछ ईमानदार अधिकारी पुलिस को भी खुफिया जानकारी नहीं साझा करना चाहते, क्योंकि वसूलीबाज और अक्षम पुलिस के लिए सबसे बड़ा रुपइया है। इसके लिए सूचना भी लीक हो सकती है। साहिबगंज में भी यही हो रहा है। दाहू यादव अपना साम्राज्य चला रहा है, अपराध कर रहा है लेकिन पुलिस अंधी हो गयी है।
बाबूलाल मरांडी ने झामुमो के उस नारे पर भी तंज कसा है, जिसमें कहा गया है कि प्रण हमारा, हेमंत दोबारा। बाबूलाल ने कहा है कि झारखंड की जनता इस बार देख चुकी है कि उनके शासनकाल में क्या-क्या हो रहा है। कैसे बिचौलिये यहां हावी हैं, तस्कर हावी हैं, अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। ऐसे में झारखंड की जनता दोबारा उन्हें सत्ता में लाने की गलती नहीं करेगी।

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