चंडीगढ । पंजाब विधानसभा का दो दिवसीय सत्र हंगामेदार हो सकता है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने विधायकों के साथ मंत्रणा करके सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की रणनीति बना ली है। इस सत्र के दौरान कांग्रेस द्वारा सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आआपा) की सरकार को प्रदेश की कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर घेरा जाएगा। प्रदेश में बढ़ रही आपराधिक घटनाओं पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा सत्र शुरू होने से पहले ही आप्रेशन लोटस का मुद्दा उठा चुके हैं। पिछले साल आआपा सरकार ने भाजपा पर पंजाब में आप्रेशन लोटस चलाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि आआपा विधायकों को 25-25 करोड़ का लालच देकर समर्थन मांगा जा रहा है। इस मुद्दे पर वित्त मंत्री हरपाल चीमा के नेतृत्व में आआपा विधायकों ने पुलिस महानिदेशक से मुलाकात करके उन्हें शिकायत भी दी थी। मोहाली में आआपा विधायकों द्वारा एफआईआर दर्ज करवाई गई थी।
आप्रेशन लोटस की चर्चाओं के बीच आआपा सरकार ने 27 सितंबर 2022 को विशेष सत्र बुलाकर सदन में बहुमत हासिल किया था। प्रताप बाजवा ने विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवा को पत्र लिखकर आप्रेशन लोटस पर एक्शन टेकर रिपोर्ट सदन में पेश करने की मांग की है। बाजवा के अनुसार इस मुद्दे पर भाजपा पर कई तरह के आरोप लगाए गए थे लेकिन पंजाब के लोग हकीकत को जानना चाहते हैं। इस मामले में आजतक कितने लोगों को पकड़ा गया है और क्या कार्रवाई की गई है, यह बताना जरूरी है।
इस सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा विधायक माणुके के कोठी विवाद को उठाएंगे। एक एनआरआई महिला के मकान पर कथित कब्जे को लेकर निशाने पर आई आप विधायक से सवाल किए जा रहे हैं। इसके अलावा पंजाब के कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक्क प्रकरण को दबाने के मुद्दे पर भी कांग्रेस द्वारा आआपा सरकार की घेराबंदी की जाएगी।