राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाएं कार्यरत हैं। ग्राम पंचायत के कार्यों के लिए हर पंचायत में पंचायत भवन क्रियाशील है। पंचायत के कार्यों एवं अभिलेख को डिजिटल करने तथा आम जनता को पारदर्शी सूचना उपलब्ध कराने की उचित सुविधा ग्रामीणों क्षेत्रों में फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
इतना ही नहीं, राज्य के नागरिकों को सरकार द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं का लाभ एवं विविध प्रमाण पत्रों के आवेदन एवं इसे जारी करने के लिए भी पंचायत भवन में आधारभूत संरचना एवं प्रशिक्षित मानव बल उपलब्ध नहीं है।
पंचायत क्षेत्रों में सूचना प्रवाह के अंतिम इकाई केंद्र निर्धारित नहीं रहने के कारण नागरिकों को उचित जीवन स्तर उपलब्ध कराने के लक्ष्य में तकनीकी पिछड़ापन एक बाधा है। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य के 4345 ग्राम पंचायत भवनों में चरणबद्ध रूप से डिजिटल पंचायत योजना के तहत डिजिटल पंचायत केंद्र की स्थापना करने का निर्णय लिया गया है।
इस प्रस्ताव को राज्य योजना प्राधिकृत समिति ने मंजूर कर लिया है। इसे अभी कैबिनेट में भेजा जाना है। राज्य में वित्तीय वर्ष 2023-24 से राज्य की ग्राम पंचायतों में डिजिटल पंचायत योजना प्रारंभ करने का प्रस्ताव है।