रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने बुधवार को होने वाली सहायक आचार्य परीक्षा में शामिल होने के लिए दायर अमृता कुमारी और 41 अन्य अभ्यर्थियों की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान खररउ के अध्यक्ष प्रशांत कुमार अदालत के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित हुए। हाईकोर्ट ने उन्हें यह निर्देश दिया है कि हाईकोर्ट में जिन 41 अभ्यर्थियों ने याचिका दाखिल की है, उनके लिए अलग से परीक्षा ली जाएगी।

इसके लिए अदालत ने खररउ को 4 सप्ताह का समय दिया है। वहीं अदालत ने स्पष्ट किया कि इस याचिका का जो भी अंतिम निष्कर्ष निकलेगा, उससे उनकी नियुक्ति प्रभावित होगी। इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस डॉ एसएन पाठक की बेंच में हुई। अमृता कुमारी और अन्य की ओर से पूर्व महाधिवक्ता व हाईकोर्ट के वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार अधिवक्ता अपराजिता भरद्वाज ने बहस की।उन्होंने अपनी बहस में अदालत को बताया कि संशोधित नियमावली को पूर्व के विज्ञापन में लागू नहीं किया जा सकता। वादी मूल नियमावली की सभी शर्तों को पूरा कर रहे हैं, इसलिए इन्हें एडमिट कार्ड मिलना चाहिए और इन्हें परीक्षा में शामिल किया जाना चाहिए। बता दें कि पिछले दिनों झारखंड हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि राज्य में 26000 सहायक शिक्षकों (आचार्य) की नियुक्ति के लिए चल रही प्रक्रिया में दूसरे राज्य के टेट पास अभ्यर्थी या सीटेट पास अभ्यर्थी भी शामिल हो सकते हैं।

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