-आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। जमीन फर्जीवाड़ा मामले की जांच कर रही इडी ने राजधानी के चर्चित जमीन दलाल कमलेश के ठिकानों पर शुक्रवार को दबिश दी। जानकारी के अनुसार छापे में एक करोड़ नगद और एक सौ कारतूस की बरामदगी हुई है। भूमि घोटाला मामले में कमलेश को इडी ने पूछताछ के लिए समन भेजा था। समन पर उपस्थित होने के बदले वह फरार चल रहा था।
इडी की टीम ने कांके रोड स्थित एस्टर ग्रीन अपार्टमेंट में कमलेश के फ्लैट में सुबह छापा मारा। उसने यह फ्लैट किराये पर ले रखा है। इसके अलावा कमलेश से जुड़े अन्य ठिकानों पर भी इडी की अलग-अलग टीम पहुंची। जमीन माफिया कमलेश रांची में पुलिस के कुछ अधिकारियों के संरक्षण में सरकारी जमीन पर कब्जे का बेरोक-टोक धंधा करता है। बाद में उसने अपने काले कारनामे में अंचल अधिकारियों को भी शामिल कर लिया। पुलिस और अंचल अधिकारियों की मिलीभगत से महज सात साल में ही उसने अकूत संपत्ति अर्जित कर ली है।
आदिवासी जमीन पर जबरन जेसीबी लेकर पहुंचा तो गया जेल
कांके थाना पुलिस ने रिवर व्यू गार्डन के मालिक और जमीन दलाल कमलेश को अक्टूबर 2021 में गिरफ्तार किया था। उस समय वह कांके के चामा नगड़ी में एक आदिवासी जमीन पर जबरन कब्जा करने की नीयत से जेसीबी लेकर पहुंचा था। जमीन मालिक की सूचना पर पुलिस ने कमलेश के साथ अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया था। मूल रूप से जमशेदपुर के सीताराम डेरा थाना क्षेत्र के भुईंयाडीह निवासी कमलेश का रांची में कोकर के चेशायर होम रोड में अपना मकान है।
इसके अलावा कमलेश पर कांके स्थित लॉ कॉलेज से सटे रिंग रोड के किनारे करीब 25 एकड़ गैरमजरुआ जमीन पर रिवर व्यू प्रोजेक्ट खड़ा करने का आरोप है। उसने फर्जी दस्तावेज के सहारे लॉ कॉलेज और जुमार नदी की 20.59 एकड़ जमीन हड़प ली थी। उस पर मिट्टी डालकर जमीन को समतल किया जा रहा था। कांके के तत्कालीन सीओ के निर्देश पर 27 नवंबर 2020 को कांके अंचल अधिकारी ने एफआइआर दर्ज करायी, जिसमें लॉ यूनिवर्सिटी के पीछे स्थित रिंग रोड से सटी जुमार नदी, गैरमजरुआ जमीन और बीएयू की अधिग्रहित जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया गया है। मामले ने जब तूल पकड़ा, तो जांच एसीबी को सौंप दी गयी। एसीबी जांच में भी फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई है।
हर दल में पहुंच है कमलेश की
कमलेश का राजनीतिक रसूख भी है। वह हर दल में ऊंची पहुंच रखता है। कमलेश ने पत्रकारिता में भी हाथ आजमाया है। उसने फोटोग्राफर से करियर की शुरूआत की। कुछ दिन बाद रांची आ गया। इसके बाद कुछ पुलिस अधिकारियों से उसका संपर्क हुआ, तो वह सरकारी जमीन पर कब्जा करने लगा। कांके के चामा में पुलिस हाउसिंग सोसाइटी के लिए जमीन लेने और पूर्व डीजीपी डीके पांडेय की उस सोसाइटी में जमीन के मामले में भी वह संदिग्ध रहा है। कमलेश राजधानी और आसपास में आयोजित होनेवाली हाइ प्रोफाइल पार्टियों में शामिल होता है।