रांची। झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि झारखंड को कम से कम एक और कैबिनेट और राज्यमंत्री मिलना चाहिए था। सरना धर्म कोड, जातीय जनगणना, पिछड़ा वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण लागू करने के लिए झारखंड के सांसदों को मोदी कैबिनेट में और अधिक हिस्सेदारी मिलनी चाहिए थी, लेकिन नहीं मिली। सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि एक कैबिनेट सिर्फ अन्नपूर्णा देवी को मिला। वह संताल की बेटी हैं। कोडरमा की बहू हैं। इसके लिए बहुत बधाई। कई सीनियर नेता झारखंड से चुनकर लोकसभा सांसद बने हैं। सबको बीजेपी ने दरकिनार कर दिया। क्योंकि सभी झारखंड से जुडे हुए लोग थे। मूलवासी थे। उनके पूर्वज मूलवासी थे। मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति को मंत्री बनाया, जिसने बंद पड़े एचइसी पर 5 साल में एक सवाल भी संसद में नहीं उठाया।
एक सांसद वाले सहयोगी को कैबिनेट मंत्री बना दिया
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि हजारों श्रमिकों का खून पीने वाली जो नीतियां केंद्र सरकार की थीं, उसकी हिमाकत जो सांसद करते रहे, उनको राज्य मंत्री का प्रभार दे दिया। कहा कि एक-एक सदस्य वाले सहयोगी को कैबिनेट मंत्रालय दिया गया। लेकिन यहां जो सहयोगी है, उसको अंगूठा दिखाने का काम किया। अब ये लोग उनके पीछे-पीछे घूमते रहेंगे। अब झारखंड की जनता से वे कैसे बोल पायेंगे कि हमारा कमिटमेंट यहां के आदिवासियों और मूलवासियों से जुड़ा हुआ है। उनकी सहयोगी पार्टी का सासंद भी 2 बार का सासंद है। भूमिपुत्र है। स्थानीय है। मूलवासी है, लेकिन उनको दरकिनार किया गया।
प्रदेश बीजेपी पर किया तंज
कहा कि चुनाव से पहले जो कहते थे घुसपैठिया- घुसपैठिया। इसे इन्होंने खुद ही चरितार्थ करके दिखा दिया। कहा कि फिर भी अब इनका पहला काम होना चाहिए एचइसी का रिवाइवल। सरना धर्म कोड की गारंटी। पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण। सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि बीजेपी के जो 240 लोग जीतकर आये हैं, उसमें मात्र 115 सांसद मूल भाषी हैं। 125 सांसद ऐसे हैं जो अन्य दलों से बीजेपी में आये हैं। इसीलिए बीजेपी में उत्साह नहीं दिख रहा है।