-हेमंत सोरेन की जमानत पर सुनवाई, कल्पना भी रहीं मौजूद
-कपिल सिब्बल ने इडी की जांच और सबूतों पर उठाये सवाल
रांची। झारखंड हाइकोर्ट में बरियातू के बड़गाई की 8.86 एकड़ जमीन घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की जमानत अर्जी पर जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय की कोर्ट में सुनवाई हुई। मामले में इडी की ओर से जवाब दाखिल किया गया है। हेमंत सोरेन की ओर से वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सोमवार को कोर्ट में पक्ष रखा। इस दौरान कल्पना सोरेन भी उपस्थित रहीं। इस मामले में बुधवार को भी होगी।
सिब्बल ने दलील में कहा कि बड़गाई की 8.86 एकड़ जमीन भूइहरी नेचर की है, जिसे ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। इसका मालिकाना हक उनके पास नहीं है और इस पर उनके कब्जे की बात भी गलत है। इडी के पास इस संबंध कोई दस्तावेज भी नहीं है। यह जमीन विवाद का मामला है, जो सिविल मैटर है, क्रिमिनल मैटर नहीं। उन्होंने कहा कि जमीन पर अवैध कब्जा पीएमएलए में शिड्यूल ऑफेंस में नहीं आता है।
सिब्बल ने कोर्ट में कहा कि यह मामला प्रेडिकेट ऑफिस का भी नहीं है। प्रेडिकेट ऑफिस के लिए धन की उत्पत्ति होनी चाहिए थीए जो नहीं हुआ है। इडी कह रही है कि इस जमीन पर हेमंत सोरेन का कब्जा वर्ष 2009-10 से था लेकिन इस संबंध में उस समय कोई शिकायत या प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी थी। उनके जमीन पर कब्जे के संबंध में बड़गाई के अंचल अधिकारी राजस्व कर्मचारी और कुछ लोगों से इडी ने एस्टेटमेंट लिया था, जबकि 29 जनवरी को जमीन का पजेशन जमीन के ओनर राजकुमार पाहन के पास था।
बता दें कि हेमंत सोरेन बड़गाई अंचल जमीन घोटाले के आरोप में 31 जनवरी से जेल में बंद हैं। मामले में इडी ने जांच पूरी करते हुए 30 मार्च को हेमंत सोरेन सहित पांच के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इसके अलावा जीमेल नेता अंतू तिर्की सहित 10 आरोपितों पर पूरक आरोप पत्र भी बीते दिनों अदालत में दायर हो चुका है। मामले में हेमंत सोरेन सहित 11 आरोपितों की गिरफ्तारी हुई है।