-राजमहल में 66.98, दुमका में 69.89: और गोड्डा में 67.24 प्रतिशत वोट
रांची। लोकसभा चुनाव के सातवें चरण में झारखंड की तीन सीट दुमका, गोड्डा और राजमहल में वोटिंग को लेकर मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया। तीन सीटों पर पांच बजे तक 67.95 प्रतिशत वोटिंग हुई। इसमें राजमहल में 66.98, दुमका में 69.89 और गोड्डा में 67.24 प्रतिशत तक मतदान हुआ। लोकसभा चुनाव 2024 के सातवें और अंतिम चरण में तीन सीटों पर सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ। सुबह से ही वोटरों में मतदान का क्रेज दिखा। कई मतदान केंद्रों पर वोटर सुबह पांच बजे ही पहले ही पहुंच गये थे। कई जगहों पर इवीएम में गड़बड़ी की वजह से मतदान में देरी हुई। बावजूद इसकेए मतदाता कतार में खड़े रहे और अपनी बारी का इंतजार करते रहे। इसी के साथ तीन सीटों पर 52 उम्मीदवारों का भाग्य इवीएम में कैद हो गया। वहीं पूर्व नक्सली रामलाल राय ने पत्नी दीपिका मुर्मू के साथ काठीकुंड प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय सरुआपानी में बूथ नंबर 6 पर मतदान किया। इसकी चर्चा भी खूब हुई। राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी सुबह-सुबह अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इस बीच लिट्टीपाड़ा से दो मतदान केंद्रों पर ग्रामीणों के वोट बहिष्कार की खबर से प्रशासन हरकत में आया। पाकुड़ जिले के गांडूपरता में आजादी के बाद आज तक सड़क नहीं बनी, इससे लोग नाराज थे। वहीं, दूसरी तरफए पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा के ही कारीपहाड़ी में पेयजल की समस्या का समाधान नहीं होने की वजह से मतदाताओं ने वोट बहिष्कार कर दिया। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे और लोगों को समझा-बुझाकर मतदान करवाया। साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मतदाताओं की लंबी कतार देखी गयी। सुरक्षा के भी बेहतर इंतजाम किये गये थे। बूथें पर सुरक्षाकर्मी चौकस थे। लोगों का विश्वास बढ़ा रहे थे।
दिग्गज प्रत्याशियों की किस्मत इवीएम में कैद
संताल से दो वर्तमान सांसद निशिकांत दूबे और विजय हांसदा के भाग्य का फैसला हो गया, जो क्रमश: गोड्डा और राजमहल से चुनाव लड़ रहे हैं। दोनों क्रमश: चौका और हैट्रिक लगाने के लिए चुनावी मैदान में हैं। इनके अलावा चार विधायकों नलिन सोरेन, सीता सोरेन, प्रदीप यादव और लोबिन हेंब्रम के भी भाग्य का फैसला होगा। नलिन सोरेन शिकारीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र से लगातार सात बार विधायक चुने गये हैं। झामुमो ने पहली बार उन्हें लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया है, जिनके सामने झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन की बड़ी बहू सीता सोरेन भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में हैं। कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव इस बार भी गोड्डा से अपना भाग्य आजमा रहे हैं, तो लोबिन हेंब्रम झामुमो से बगावत कर राजमहल से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। 52 उम्मीदवारों में आठ महिलाएं हैं।
राजनीतिक दलों के दावे: जीतेंगे हम
लोकसभा चुनाव 2024 के सातवें और अंतिम चरण के चुनाव के बाद राजनीतिक दलों के अपने-अपने दावे रहे। सबने अपनी जीत का दावा किया।
सभी 14 सीट जीत रहे हैं: झामुमो
झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि आज के मतदान के बाद साफ हो गया कि राज्य की सभी 14 लोकसभा सीटों पर इंडी गठबंधन की जीत होगी। कहा कि चार-पांच सीट पर मुकाबला थोड़ा कड़ा जरूर है, लेकिन जीत सभी जगह पर इंडी गठबंधन की ही होगी। संताल परगना की प्रबुद्ध जनता में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी के साथ हेमंत सोरेन के साथ हुई ज्यादतगी के खिलाफ जमकर मतदान किया है। संथाल की जनता ने भाजपा के ताबूत में आखिरी कील ठोकने का काम किया है।
12 से 14 सीट इंडी गठबंधन के खाते में: कांग्रेस
कांग्रेस प्रवक्ता जगदीश साहू ने कहा कि आज हुए मतदान के बाद यह साफ हो गया कि राज्य में 12 से 14 सीट इंडी ब्लॉक के खाते में आ रही है। पिछले चुनाव में गोड्डा में महागठबंधन के उम्मीदवार प्रदीप यादव दो लाख से कम मतों से हार गये थे, लेकिन इस बार परिस्थिति अलग है और वहां कांग्रेस जीत रही है। उन्होंने कहा कि इसी तरह दुमका और राजमहल भी सहयोगी दल झामुमो जीत रहा है।
एक लोकसभा सीट नहीं, दावे बड़े-बड़े: भाजपा
भाजपा नेता प्रदीप सिन्हा ने कहा कि 2019 के चुनाव में कांग्रेस को गीता कोड़ा के रूप में सिंहभूम लोकसभा सीट से एक सांसद और झामुमो को राजमहल सीट से विजय हांसदा के रूप में इकलौते सांसद मिली थी। एनडीए को 14 में से 12 लोकसभा सीट मिली थी। गीता कोड़ा के भाजपा में आने से कांग्रेस राज्य में सांसद विहीन हो गयी। झामुमो की भी राजमहल में स्थिति ठीक नहीं है। बावजूद इसके झामुमो-कांग्रेस के नेताओं के द्वारा 14 में से 14 सीटें जीतने का दावा जनता को भरमाने वाला है। प्रदीप सिन्हा ने कहा कि इस बार राज्य में भाजपा क्लीन स्वीप कर 14 की 14 लोकसभा सीट सहयोगी दल आजसू के साथ मिलकर जीतेगी और अबकी बार 400 पार के संकल्प को पूरा करने में झारखंड भी योगदान करेगा।