रांची। राज्य सरकार ने रांची रिंग रोड के पास दुबलिया में आइएसबीटी (इंटर स्टेट बस टर्मिनल) बनाने का विचार तय कर रखा है। इसके लिए 318.57 करोड़ रुपये का बजट भी तय किया गया है। 38 एकड़ जमीन पर बनने वाले आइएसबीटी की यह योजना 2022 की ही है, पर अब तक इसके निर्माण के लिए योग्य कंपनी की तलाश जारी है। अब एक बार फिर जुडको ने इसके लिए पहल करते हुए टेंडर निकाला है। 22 जुलाई तक आॅनलाइन आवेदन मांगे हैं। 23 जुलाई को इसे खोला जायेगा।

राजधानी को जाम मुक्त करने की तैयारी
जुडको की मानें तो राजधानी को जाम मुक्त करने के लिए आइएसबीटी बनाने का प्लान है। झारखंड से सटे राज्यों छत्तीसगढ़, बिहार, ओड़िशा और अन्य राज्यों के बीच आवागमन के लिए कांटाटोली बस स्टैंड से वर्तमान में गाड़ियां चलती हैं। आइएसबीटी होने से इन राज्यों से गाड़ियां सीधे रिंग रोड से बस टर्मिनल में पहुंचेंगी। इससे कांटाटोली बस स्टैंड से गाड़ियों की सेवाएं बंद होंगी और ट्रैफिक समस्या से निजात भी मिलेगी। दुबलिया बस टर्मिनल से कांटाटोली के बीच सिटी बस सर्विस मिलेगी, ताकि यात्रियों को टर्मिनल तक आने-जाने में सहूलियत हो।

गौरतलब है कि राजधानी में बस टर्मिनल (आइएसबीटी) बनाने की कोशिश 2008 से जारी है। 2008 में नामकुम के सरवल में इसे तैयार करने का प्लान बना। विरोध हुआ। 2010 में आरआरडीए ने कांके के सुकुरहुटू में इसके लिए विचार किया। 2021 में इसके लिए स्वीकृति दी गयी। 2023 में इस पर काम भी शुरू हो गया। सरकार ने इसी दौरान दुबलिया में टर्मिनल बनाने की घोषणा की। 2022 में इसके लिए स्वीकृति दी गयी। इसके बाद जुडको ने 2022 में टेंडर निकाला, पर इसे रद्द करना पड़ा। मई 2023 में भी टेंडर निकला, पर कोई कंपनी नहीं आयी और जुलाई में इसे भी रद्द कर दिया। अब फिर से टेंडर जारी कर आवेदन मांगा गया है।

 

 

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