इस्लामाबाद। बलूचिस्तान के काकत जिले के इस्कालकु इलाके में पाकिस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड के तेल और गैस अन्वेषण स्थल की सुरक्षा करने वाली एक चौकी पर हुए आतंकी हमले में दो सुरक्षाकर्मी मारे गए। अधिकारियों ने कहा कि लगभग 50 हथियारबंद लोगों ने मंगलवार तड़के पाकिस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड क्षेत्र और फ्रंटियर कोर (एफसी) पोस्ट पर हमला किया। प्रतिबंधित बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के एक प्रवक्ता ने इस हमले की जिम्मेदारी ली।

डान समाचार पत्र ने अपनी रिपोर्ट में दूरदराज और दुर्गम क्षेत्र में हुई इस घटना की विस्तार से चर्चा की है। बलूचिस्तान के गृहमंत्री जियाउल्लाह लैंगोव ने क्वेटा में कहा है कि भारी गोलीबारी में दो एफसी सैनिकों की जान चली गई। उन्होंने कहा कि हमलावर चौकी पर तैनात सभी लोगों को बंधक बनाना चाहते थे। हमले शुरू होते ही बड़ी संख्या में सैनिकों को घटनास्थल पर भेजा गया। सैनिकों ने आतंकवादियों के प्रयास को विफल कर दिया।

उन्होंने कहा कि दो चौकियों पर एफसी के लगभग 20 जवान पीपीएल अन्वेषण परियोजना स्थल की रखवाली कर रहे थे। कई घंटों तक चली गोलीबारी के बाद 18 एफसी कर्मियों को चेक पोस्ट से सुरक्षित बचा लिया गया। जबकि दो शहीद हो गए। मंत्री लैंगोव ने कहा कि आतंकवादियों ने पहले काकत जिले के खलीकाबाद इलाके में एक एफसी शिविर पर हमला किया और रॉकेट दागे। यहां कोई जनहानि नहीं हुई।

खलीकाबाद हमले के ठीक दो घंटे बाद लगभग 50 आतंकवादियों ने पीपीएल गैस अन्वेषण परियोजना स्थल की सुरक्षा करने वाली एफसी पोस्ट पर हमला किया। हालांकि, पीपीएल कर्मचारी वहां नहीं थे। उल्लेखनीय है कि उत्तर पश्चिमी बलूचिस्तान का काफी बड़ा भू-भाग पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा के पास है। बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा बोलन दर्रे के मार्ग पर स्थित है।

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