हजारीबाग। बड़कागांव स्थित बादम कोल खनन परियोजना के बीजीआर इंफ्रा माइनिंग कार्यालय में हुई तोड़फोड़ और हंगामे के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। बड़कागांव पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। थाना प्रभारी दीपक सिंह के अनुसार, इस घटना में शामिल अन्य उपद्रवियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
मंगलवार की सुबह बहुत सारे गांव वाले और आंदोलन करने वाले लोग अचानक ‘बीजीआर इंफ्रा माइनिंग’ के दफ्तर पहुंच गए। वहां देखते ही देखते उनका गुस्सा बहुत बढ़ गया और उन्होंने दफ्तर के अंदर जमकर हंगामा और तोड़फोड़ शुरू कर दी। इन लोगों ने कार्यालय के कई जरूरी सामान और कागजात भी फाड़ दिए और तोड़ दिए। इस अचानक हुए हमले की वजह से ऑफिस में मौजूद अफसरों और कर्मचारियों में भगदड़ मच गई और वे अपनी जान बचाने के लिए यहां-वहां भागने लगे।
बड़कागांव थाना प्रभारी दीपक सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने घटना की जांच तेज कर दी है। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों से वीडियो फुटेज व अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाए हैं, जिसके आधार पर उपद्रवियों की पहचान की प्रक्रिया शुरू की गई है। थाना प्रभारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि कानून को अपने हाथ में लेने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। घटना में शामिल अन्य लोगों की धरपकड़ के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
इस बड़ी कार्रवाई और पहली गिरफ्तारी के बाद से बादम कोल खनन परियोजना क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है और ग्रामीणों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बताया है। एहतियात के तौर पर खनन क्षेत्र और कंपनी कार्यालय के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। थाना प्रभारी दीपक सिंह ने कहा कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रतिबद्ध है और उपद्रव करने वाले हर एक व्यक्ति को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। घटना के पीछे का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन स्थानीय सूत्रों के मुताबिक कंपनी और ग्रामीणों के बीच जमीन और रोजगार को लेकर कुछ विवाद चल रहा था। पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।



