सबसे लंबे समय से जनता का भरोसा जीतने वाले और सत्ता शीर्ष पर काबिज रहने वाले वन एंड ओनली नरेंद्र दामोदर दास मोदी
पिछले 12 वर्षों में दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र, यानी भारत ने राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक परिवर्तनों का एक नया युग देखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास ने केवल गति ही नहीं, बल्कि नयी दिशा और नयी चेतना भी प्राप्त की। आर्थिक सुधारों से लेकर डिजिटल क्रांति, राष्ट्रीय सुरक्षा से सामाजिक समावेशन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण तक भारत ने आत्मनिर्भरता, सुशासन और वैश्विक प्रतिष्ठा की ओर उल्लेखनीय यात्रा तय की है। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र के साथ प्रारंभ हुई यह यात्रा आज विकसित भारत 2047 के व्यापक राष्ट्रीय संकल्प में रूपांतरित होती दिखाई देती है। मोदी सरकार के 12 वर्ष भारत के अमृत काल की मजबूत आधारशिला के रूप में उभरे हैं। विकसित भारत 2047 का विजन केवल आर्थिक प्रगति का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह एक समावेशी, तकनीक-सक्षम, सांस्कृतिक रूप से आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर राष्ट्र के निर्माण का व्यापक संकल्प है। मतभेदों के शोर से परे, परिवर्तन की यह यात्रा स्वयं साक्षी है कि बीते 12 वर्षों में भारत ने विकास, विरासत और वैश्विक नेतृत्व की एक नयी गाथा रची है। और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के राजनीतिक इतिहास के सबसे मजबूत स्तंभ के रूप में सामने आये हैं। प्रधानमंत्री मोदी के 12 साल के कार्यकाल पर उनके द्वारा बनाये गये रिकॉर्ड के साथ उनकी उपलब्धियों का विश्लेषण कर रहे हैं आजाद सिपाही के संपादक राकेश सिंह।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते 12 वर्षों से ज्यादा समय से सत्ता में बने हुए हैं। इस दौरान उन्होंने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। फिर चाहे देश की अर्थव्यवस्था को गति देने की बात हो या इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने का विषय। इन पहलुओं के साथ पीएम मोदी ने निजी तौर पर भी कई कीर्तिमान स्थापित किये हैं। इनमें सबसे लंबे समय तक सरकार चलाने वाले नेता के साथ-साथ सबसे लंबे समय तक गैर-कांग्रेसी पीएम रहने तक की उपलब्धि शामिल है। आज, यानी 10 जून 2026 को मोदी भारत पर लगातार सबसे लंबा शासन करने वाले प्रधानमंत्री बनने का रिकॉॅर्ड भी अपने नाम कर चुके हैं। वे लगातार 4399 दिन देश पर शासन कर पहले पीएम जवाहर लाल नेहरू के लगातार 4398 दिन शासन (चुने हुए प्रधानमंत्री के तौर पर) करने के रिकॉर्ड को तोड़ चुके हैं। हालांकि, यह सिर्फ कुछ रिकॉर्ड हैं, जिन्हें पीएम मोदी ने छुआ है। अभी कई और रिकॉर्ड उनकी झोली में गिरना बाकी है। वहीं, कुछ और रिकॉर्ड ऐसे भी हैं, जो फिलहाल उनकी पहुंच से दूर हैं और उन्हें पार करने के लिए मोदी को कम से कम एक और कार्यकाल के लिए पीएम बनना होगा।
ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर मोदी ने 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से अब तक कौन-कौन से रिकॉर्ड अपने नाम किये हैं? इनके जरिये उन्होंने किन नेताओं के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ा? अब वे कौन सा रिकॉर्ड तोड़ने के बेहद करीब आ चुके हैं? इसके अलावा वे कौन से और किन नेताओं के रिकॉर्ड हैं, जो फिलहाल पीएम मोदी की पहुंच से दूर हैं और इन्हें हासिल करने में कितना समय लग सकता है?
पीएम मोदी ने अब तक कौन-कौन से रिकॉर्ड तोड़े
1. भारत में सरकार के प्रमुख के रूप में सबसे लंबा कार्यकाल (राज्य और केंद्र मिलाकर)
22 मार्च 2026 को पीएम मोदी राज्य और राष्ट्रीय दोनों स्तरों को मिलाकर भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सरकार चलाने वाले नेता बन गये थे। लगातार कार्यकारी पद पर बने रहने के मामले में उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के 8,930 दिनों के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। पीएम मोदी के लिए यह पूरी उपलब्धि सिर्फ किसी एक सरकार का नेतृत्व करते हुए नहीं आयी है, बल्कि उनकी इस उपलब्धि में 15 साल तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड और अब लगातार 12 साल से प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड शामिल है।
2. सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री
पीएम मोदी कांग्रेस पार्टी से बाहर के सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने इस मामले में अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल को काफी पीछे छोड़ दिया है। इसके अलावा, वह पहले ऐसे गैर-कांग्रेसी नेता हैं, जिन्होंने संसद में लगातार दो बार पूर्ण बहुमत (2014 और 2019 दोनों में) की सरकार बनायी। इनमें जहां भाजपा अपनी दम पर बहुमत के आंकड़े- 272 के पार थी, वहीं एनडीए का आंकड़ा 300 के पार ही था।
3. लगातार तीन आम चुनाव में जीत
2024 के आम चुनावों के बाद नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री के रूप में लगातार तीन कार्यकाल के लिए चुने जाने वाले इतिहास के दूसरे भारतीय नेता बने। उनसे पहले यह उपलब्धि केवल जवाहरलाल नेहरू के नाम थी।
4. अजेय कार्यकारी सफर
अक्तूबर 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार नियुक्त होने के बाद से वह सत्ता में रहते हुए कभी कोई चुनाव नहीं हारे हैं और उन्होंने एक भी दिन निर्वाचित कार्यकारी पद से बाहर नहीं बिताया है।
पीएम मोदी ने अब कौन सा रिकॉर्ड तोड़ा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जून 2026 को एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले चुने हुए लोकतांत्रिक प्रधानमंत्री बन गये। वह देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के लगातार कार्यकाल वाले 64 साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ चुके हैं। आंकड़ों के अनुसार, आजादी के बाद देश के पहले आम चुनावों के बाद पहली लोकसभा का गठन 17 अप्रैल 1952 को हुआ था। उसकी पहली बैठक 13 मई 1952 को हुई थी और इसी दिन पंडित जवाहरलाल नेहरू ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। उस लिहाज से देखा जाये, तो जहां नेहरू पहला चुनाव जीतने के बाद लगातार 4398 दिन (12 साल 15 दिन) तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। वहीं, पीएम मोदी ने 10 जून, 2026 को कुल 4399 दिन लगातार पीएम रहने का गौरव हासिल कर लिया। यानी वे लगातार सबसे लंबे समय तक चुने हुए प्रधानमंत्री होने का गौरव प्राप्त कर चुके हैं।
इस रिकॉर्ड की बारीक समझ भी हासिल करना जरूरी है। दरअसल, जवाहरलाल नेहरू का प्रधानमंत्री के रूप में कुल कार्यकाल कुल 6,131 दिन का था। इसकी वजह यह है कि उन्होंने भारत की कमान 1947 में ब्रिटिश शासन से आजादी के बाद ही संभाल ली थी। तब पीएम पद के लिए कोई चुनाव नहीं हुआ था। देश में पहली बार आम चुनाव 1952 में ही हुए। यानी 1947 से 1952 तक नेहरू पीएम तो रहे, लेकिन उनकी सरकार चुनाव के जरिये नहीं आयी थी, यानी निर्वाचित नहीं थी। इस लिहाज से आम चुनाव के बाद लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित होकर लगातार प्रधानमंत्री पद पर रहने की अवधि को देखा जाये, तो पीएम मोदी अब नेहरू के रिकॉर्ड को पार कर चुके हैं।
अभी कौन से रिकॉर्ड पीएम मोदी को बनाना है
1. प्रधानमंत्री के रूप में कुल सबसे लंबा कार्यकाल
भले ही पीएम मोदी लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित होकर लगातार सबसे लंबे समय तक रहने वाले प्रधानमंत्री बनने के करीब हैं, लेकिन प्रधानमंत्री पद पर कुल दिनों के मामले में जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड अभी भी सबसे ऊपर है। जवाहरलाल नेहरू का कुल कार्यकाल (1947-1964) 16 वर्ष और 286 दिन का रहा है, यानी कुल 6,131 दिन। इसी तरह इंदिरा गांधी ने भी अलग-अलग कार्यकालों में देश पर 15 साल से ज्यादा शासन किया है। पीएम मोदी का मई 2014 से अब तक कार्यकाल 12 वर्ष का हुआ है। नेहरू के इस कुल कार्यकाल के रिकॉर्ड को पार करने के लिए पीएम मोदी को साल 2030 के अंत तक देश का प्रधानमंत्री बने रहना होगा। यानी भाजपा का अगला लोकसभा चुनाव जीतना जरूरी होगा। साथ ही पीएम मोदी का 2029 के लोकसभा चुनाव के बाद अगले करीब दो साल तक लगातार प्रधानमंत्री बना रहना भी अनिवार्य होगा। तभी नेहरू का यह रिकॉर्ड टूटना संभव हो सकता है।
2. सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड
पीएम मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 12 साल से अधिक (4610 दिन) का समय बिताया, जो एक बड़ा रिकॉर्ड है, लेकिन राज्यों के मुख्यमंत्रियों के सर्वकालिक इतिहास में उनसे आगे कई नेता हैं। सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग (24 वर्ष, 165 दिन) और ओड़िशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक (24 वर्ष, 99 दिन) के नाम भारत में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड है। चूंकि पीएम मोदी अब पूरी तरह राष्ट्रीय राजनीति में हैं, इसलिए मुख्यमंत्री के इस व्यक्तिगत रिकॉर्ड में अब बदलाव होने की संभावना कम ही है।
3. लोकसभा चुनाव में किसी एक पार्टी के सर्वाधिक सीटें जीतने का रिकॉर्ड
चुनावी सफलता के मामले में भाजपा ने पीएम मोदी के नेतृत्व में 2014 (282 सीटें) और 2019 (303 सीटें) में पूर्ण बहुमत हासिल किया, लेकिन भारत के संसदीय इतिहास में एक पार्टी द्वारा सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड अभी भी कांग्रेस के नाम है। यह जीत राजीव गांधी के समय में कांग्रेस को मिली थी। तब पार्टी ने 414 सीट जीत कर इतिहास रच दिया था। यह अब तक का रिकॉर्ड है, जिसे कोई भी दल या यहां तक कि गठबंधन भी नहीं तोड़ पाया है।
4. चार या अधिक कार्यकाल का रिकॉर्ड
पीएम मोदी इस समय अपने तीसरे कार्यकाल में हैं, जिससे उन्होंने जवाहरलाल नेहरू के लगातार तीन बार प्रधानमंत्री चुने जाने के रिकॉर्ड की बराबरी की है। अगर वह 2029 में चौथे कार्यकाल के लिए निर्वाचित होते हैं, तो वह भारत के इतिहास में चार बार प्रधानमंत्री बनने वाले पहले नेता बनकर एक नया रिकॉर्ड कायम करेंगे और चार बार चुने जाने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी के नाम हैं कई उपलब्धियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून को भारत के पहले पीएम जवाहरलाल नेहरू के एक और रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। चुनाव के बाद जीतकर आने और लगातार शासन करने वाले प्रधानमंत्रियों के मामले में मोदी अब नेहरू से आगे निकल गये हैं। 10 जून को एक चुने हुए पीएम के तौर पर मोदी ने लगातार 4399 दिन (2014 से जारी) शासन कर लिया है, जो कि पंडित नेहरू के कुल (और लगातार दोनों) शासन से ज्यादा है। इस बीच पीएम मोदी ने आठ जून को ही सत्ता में 12 वर्ष पूरे किये हैं। अपने शासन के दौरान पीएम मोदी ने कई अहम योजनाओं और नीतियों को लागू करने में अहम भूमिका निभायी है। ऐसे में यह जानना अहम है कि लगातार 12 वर्ष सत्ता में रहने और पहले पीएम के रिकॉर्ड की बराबरी करने वाले प्रधानमंत्री मोदी ने अपने शासन में क्या उपलब्धियां हासिल की हैं। घरेलू, कानूनी, रक्षा, आर्थिक, वाणिज्यिक और अन्य मुद्दों पर पीएम मोदी का ट्रैक रिकॉर्ड क्या कहता है?
1. डिजिटल इंडिया और यूपीआइ क्रांति
2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम बन चुका है। यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआइ) की शुरूआत ने देश के कोने-कोने में रेहड़ी-पटरी वालों से लेकर बड़े शोरूम तक कैशलेस लेन-देन को सुलभ बनाया। मई 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, देश में हर महीने 23 अरब (2,300 करोड़) से अधिक यूपीआइ लेन-देन दर्ज किये जा रहे हैं।
2. बैंकिंग से जुड़ाव: 58 करोड़ जन-धन खाते
2014 में शुरू की गयी प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत अगस्त 2025 तक 58 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं। इसने देश के सबसे गरीब नागरिक को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ने का काम किया। इसका सबसे बड़ा फायदा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के रूप में मिला, जिससे सब्सिडी और सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे गरीबों के बैंक खातों में पहुंचना शुरू हुआ।
3. इंफ्रास्ट्रक्चर का अभूतपूर्व विस्तार
पिछले 12 वर्ष में लगभग 1.46 लाख किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया जा चुका है। रेलवे का बड़े पैमाने पर विद्युतीकरण हुआ और आधुनिक वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें शुरू की गयीं। उड़ान योजना के तहत टियर-2 और टियर-3 शहरों में नये हवाई अड्डों का तेजी से विकास जारी।
4. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 का खात्मा
अगस्त 2019 में मोदी सरकार ने एक ऐतिहासिक और कड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए को निरस्त कर दिया। इस कदम से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पूरी तरह से भारतीय संविधान के तहत आये, जिससे वहां विकास की मुख्यधारा, केंद्रीय कानूनों का लाभ और सुरक्षा व्यवस्था में बड़े सुधारों को अंजाम दिया जा रहा है।
5. आयुष्मान भारत: दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना
गरीब परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के खर्च से बचाने के लिए आयुष्मान भारत (पीएम-जेएवाइ) योजना शुरू की गयी। इसके तहत देश के करोड़ों गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का मुफ्त कैशलेस इलाज दिया जा रहा है। साथ ही, देश भर में डिजिटल हेल्थ मिशन और टेलीमेडिसिन (इ-संजीवनी) का जाल बिछाया गया है।
6. हर घर जल और पीएम आवास योजना
जल जीवन मिशन: ग्रामीण भारत के स्वास्थ्य और जीवन स्तर को सुधारने के लिए इस मिशन के तहत 15 करोड़ से अधिक घरों तक पाइपलाइन से साफ पीने का पानी पहुंचाया जा चुका है।
पीएम आवास योजना: हर घर को छत के संकल्प के साथ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में चार करोड़ से अधिक पक्के मकानों का निर्माण कर गरीबों को सौंपा गया है।
7. मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत
भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए उत्पादन से जुड़े आर्थिक सहयोग भी प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव योजना (पीएलआइ) के तहत दिये जा रहे हैं। इसका असर यह हुआ है कि भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, डिफेंस और आॅटोमोबाइल सेक्टर में भारी निवेश आया है। सरकार के 20 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत पैकेज ने घरेलू उद्योगों को मजबूती दी। भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निमार्ता है।
8. रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और कड़ा रुख
भारत की रक्षा नीति में पिछले 12 वर्षों में बड़ा रणनीतिक बदलाव आया है। आतंकी घटनाओं के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयरस्ट्राइक के जरिये देश ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस की नीति अपनायी है। इसके अलावा, डिफेंस कॉरिडोर का निर्माण और आइएनएस विक्रांत, तेजस जैसे स्वदेशी हथियारों के निर्माण से रक्षा निर्यात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। हाल ही में भारत ने फिलीपींस के साथ ब्रह्मोस को लेकर समझौता किया है। साथ ही इंडोनेशिया से भी ब्रह्मोस निर्यात करने पर बातचीत अंतिम दौर में है।
9. स्वच्छ भारत मिशन और उज्ज्वला योजना
स्वच्छ भारत: 2 अक्टूबर 2014 को शुरू हुए इस आंदोलन के तहत देशभर में 12 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण किया गया, जिससे स्वच्छता का दायरा 38% से बढ़कर 98% से अधिक हो गया। इसने ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान दिया।
उज्ज्वला योजना: 10 करोड़ से अधिक महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन देकर उन्हें लकड़ी और उपले के धुएं से मुक्ति दिलायी गयी। साथ ही उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं को कम दरों पर सिलिंडर भी मुहैया कराया जा रहा है।
10. अंतरिक्ष और रक्षा-तकनीक में ऐतिहासिक छलांग
मोदी सरकार ने अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्रों को निजी भागीदारी के लिए खोला, जिससे देश में स्पेस स्टार्टअप्स की संख्या चार सौ के पार पहुंच गयी है। ये स्टार्टअप अब भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के साथ मिलकर नये अंतरिक्ष मिशन में सहयोग भी कर रहे हैं। इसके अलावा भारत का चंद्रयान-3 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग करने वाला पहला अंतरिक्ष यान बन गया। इसके अलावा सौर मिशन आदित्य-एल1 ने दुनिया में भारत का लोहा मनवाया।
11. जीएसटी और आर्थिक सुधार: वन नेशन, वन टैक्स
2017 में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू करके देश की पेचीदा टैक्स व्यवस्था को खत्म किया गया। एक देश, एक टैक्स के इस मॉडल से राज्यों के बीच व्यापार आसान हुआ, टैक्स चोरी रुकी और आज हर महीने रिकॉर्ड 1.7 लाख करोड़ रुपये से अधिक का जीएसटी कलेक्शन हो रहा है, जो मजबूत अर्थव्यवस्था का प्रतीक है।
12. दुनिया का सबसे बड़ा कोविड-19 टीकाकरण अभियान
कोरोना महामारी के संकट काल में भारत ने न सिर्फ स्वदेशी वैक्सीन- कोवैक्सिन बनायी, बल्कि 220 करोड़ से अधिक वैक्सीन डोज पूरी तरह मुफ्त और डिजिटल ट्रैकिंग (कोविन एप) के जरिये नागरिकों को लगाने की व्यवस्था भी की गयी। इसके साथ ही वैक्सीन मैत्री के तहत दुनिया के दर्जनों देशों को दवाइयां और वैक्सीन भेजकर भारत ने वैश्विक स्तर पर फार्मेसी आॅफ द वर्ल्ड की भूमिका निभायी।

