पटना: रेल होटल घोटाले में लालू प्रसाद और उनके परिवार के भ्रष्टाचार को लेकर सीबीआइ को कई सबूत मिले हैं। शुक्रवार को लालू प्रसाद के आवास समेत 12 ठिकानों पर हुई छापेमारी के दौरान ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जो रेल होटल लीज में गड़बड़ी से जुड़े हैं। सीबीआइ इसका अध्ययन कर रही है। बताया जाता है कि अब सीबीआइ लालू प्रसाद यादव, उनके पुत्र तेजस्वी यादव और पत्नी राबड़ी देवी समेत सभी आरोपित को समन भेजकर दिल्ली स्थित मुख्यालय तलब करने वाली है। वहां उनसे पूछताछ की जायेगी। सूत्रों के अनुसार लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी कभी भी संभव है। लालू के आवास पर छापेमारी करने वाली सीबीआइ टीम ने इसके स्पष्ट संकेत दिये हैं।
सीबीआइ मुख्यालय में होगी पूछताछ
पूछताछ लालू प्रसाद, राजद सांसद प्रेमचंद गुप्ता, चाणक्य होटल के मालिक कोचर बंधु और आइआरसीटीसी के पूर्व एमडी पीके गोयल के ठिकानों पर में मिले साक्ष्यों पर आधारित होगी। लालू और उनके परिजनों से पूछताछ दिल्ली स्थित सीबीआइ के मुख्यालय में की जायेगी।
कोचर के ठिकाने से मिले कई अहम दस्तावेज
आइआरसीटीसी के रांची और पुरी स्थित होटलों को लीज पर देने में की गयी गड़बड़ी से संबंधित कई अहम दस्तावेज होटल चाणक्या के मालिक विजय कोचर और विनय कोचर के ठिकानों से मिले हैं। सीबीआइ को इन होटलों की बंदोबस्ती में कोचर बंधुओं को बेजा लाभ दिये जाने से संबंधित कई दस्तावेज आइआरसीटीसी के तत्कालीन प्रबंध निदेशक पीके गोयल के ठिकानों से भी मिले हैं।
कोचर बंधुओं ने पटना के प्राइम लोकेशन सगुना मोड़ पर तीन एकड़ जमीन डिलाइट मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड को दी थी। इसके बाद यह जमीन लालू प्रसाद के परिजनों की पार्टनरशिप वाली कंपनी लारा प्रोजेक्ट्स के नाम पर कर दी गयी। सीबीआइ ने इस जमीन की सौदेबाजी की जांच के क्रम में कई तरह की अनियमितताएं पकड़ी हैं। इस जमीन को लारा प्रोजेक्ट्स को स्थानांतरित करने में सरकार द्वारा तय जमीन की न्यूनतम सर्किल रेट तक का ध्यान नहीं रखा गया।
लालू प्रसाद के आवास से मिले दस्तावेज भी सीबीआइ जांच के लिए अहम हैं।
चढ़ा सियासी पारा, तेजस्वी की जायेगी कुर्सी?
आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनका परिवार भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरा हुआ है और जांच एजेंसियों ने भी कुनबे पर शिकंजा कस दिया है। ऐसे में नीतीश कुमार पर उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को कैबिनेट से बर्खास्त करने का दबाव बढ़ गया है। अब तक चुप्पी साधे हुए नीतीश जल्द ही इस मुद्दे पर कोई बड़ा फैसला कर सकते हैं। इस बीच सोमवार को लालू आरजेडी विधायकों के साथ बैठक करने जा रहे हैं, तो मंगलवार को नीतीश भी जेडीयू के विधायकों और सांसदों के साथ मंथन करेंगे। बैठकों के बाद यह साफ हो जायेगा कि बिहार में महागठबंधन की सरकार चलती रहेगी या फिर लालू-नीतीश एक दूसरे का हाथ छोड़ देंगे। लालू यादव और उनके परिजनों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद महागठबंधन के दोनों प्रमुख दलों में सुगबुगाहट तेज हो गयी है।
सोमवार को लालू सुबह 10 बजे आरजेडी नेताओं से बैठक करने जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि आरजेडी को आशंका है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी छवि चमकाने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तेजस्वी यादव को लेकर कोई बड़ा फैसला सकते हैं। दूसरी तरफ चर्चा यह भी है कि खुद लालू विपक्ष का मुंह बंद करने के लिए तेजस्वी यादव को जांच पूरी होने तक इस्तीफा देने को कह सकते हैं।