डॉ. अजय कुमार ने कहा- यह शासन और प्रशासन की लापरवाही एवं बिरहोर परिवार के प्रति उदासीनता को भी दर्शाता है

रांची. रामगढ़ जिला के मांडू प्रखंड के नावाडीह पंचायत के चैनपुर गांव जरहा टोला निवासी राजेंद्र बिरहोर कि गत 24 जुलाई को समुचित चिकित्सा के अभाव में एवं भूख से हुई मौत का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार मांडू थाना में लिखित आवेदन दिया है। यहां उन्होंने आवेदन देकर मुख्यमंत्री रघुवर दास, खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय, स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी, कल्याण मंत्री लुईस मरांडी के साथ-साथ इन विभागों के संबंधित अफसरों, जिनमें प्रधान सचिव और सचिव शामिल हैं पर मिलीभगत एवं षड़यंत्र के तहत जान से मारने की दफा के तहत उचित कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

कुपोषण के शिकार हुए और राजेंद्र बिरहोर की तबीयत बिगड़ गई

डॉ. अजय कुमार द्वारा थाना प्रभारी को दिए गए आवेदन में कहा गया है कि जब से आधार कार्ड का लिंक राशन कार्ड से किया गया, उसी समय से राजेंद्र बिरहोर के परिवार को राशन नहीं मिल रहा था। अनाज के अभाव में वो कुपोषण के शिकार हुए और उनकी तबीयत बिगड़ गई। इलाज के लिए प्रखंड के अस्पताल में गए लेकिन उन्हें समुचित इलाज ना करा कर रिम्स रांची रेफर कर दिया गया। जानकारी और आर्थिक अभाव के कारण वो वापस घर चले गए।

चिकित्सा के अभाव एवं भूख से उनकी बीमारी बढ़ती चली गई

बीडीओ, चिकित्सा पदाधिकारी कल्याण पदाधिकारी एवं आपूर्ति पदाधिकारी के साथ ही जिले के डीसी ने भी राजेंद्र की बीमारी एवं उनके परिवार को 1 वर्ष से अनाज नहीं मिलने की जानकारी नहीं ली। डॉ. अजय ने कहा है कि बिरहोर आदिम जनजाति के लोग हैं, जिनके स्वास्थ्य, चिकित्सा, राशन, भोजन, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई एवं अन्य सुविधाओं के लिए विशेष ध्यान देने का प्रावधान है। पर ऐसा नहीं कराया गया। राजेंद्र ने कुछ नहीं खाया था। समुचित चिकित्सा के अभाव एवं भूख से उनकी बीमारी बढ़ती गई और वो काल के गाल में समा गए।

घर में पड़ा था शव और आधिकारियों ने पोस्टमॉर्टम तक नहीं करवाया

उन्होंने कहा- यह आश्चर्यजनक है कि राजेंद्र की मृत्यु के बाद घर में उनका शव पड़ा हुआ था और अधिकारियों ने उन्हें 2 क्विंटल अनाज पहुंचाया। लेकिन राजेंद्र बिरहोर का पोस्टमाॅर्टम तक नहीं कराया। यह शासन और प्रशासन की लापरवाही एवं बिरहोर परिवार के प्रति उदासीनता को भी दर्शाता है। उन्होंने आवेदन में कहा है कि राजेंद्र बिरहोर की मृत्यु में पूर्ण रुप से प्रखंड जिला स्वास्थ्य विभाग, कल्याण विभाग, आपूर्ति विभाग एवं उपायुक्त मूल रूप से दोषी है।

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