भोपाल, भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र में ऑनलाइन ऐप के जाल में फंसने के बाद कर्ज से परेशान दंपत्ति द्वारा अपने दो बच्चों के साथ सामूहिक आत्महत्या के मामले में अब राजनीति तेज हो गई है। एक तरफ जहां कांग्रेस इसे आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या बता रही है ताे वहीं दूसरी तरफ सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने मामले को संवेदनशील बताते हुए कांग्रेस से इस पर राजनीति नहीं करने की बात कही है।

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने ट्वीट कर घटना पर दुख जताते हुए कहा भोपाल में एक दंपति द्वारा आत्महत्या और आत्महत्या से पहले अपने दो बच्चों को जहर देने का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार परिवार कर्ज के दलदल में फंसा हुआ था। कर्ज का बोझ पूरे मध्यप्रदेश के लिए जानलेवा संकट बनता जा रहा है। मैं ईश्वर से सभी दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना करता हूं। ईश्वर परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करे। ओम शांति

वहीं नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविन्द सिंह ने इस मामले को सरकार की नाकामी बताते हुए कहा कि ये आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है। जिस मजबूरी में उन्हें आत्महत्या करनी पड़ी। चार लोगों की आत्महत्या इस मध्यप्रदेश के लिए शर्मनाक है। कलंक है। सही मायने में राजधानी में इस तरह की घटना घटी है। मुख्यमंत्री जी, यह आत्महत्या नहीं हत्या है और इसके लिए पूरी तरह से सरकार है मैं शिवराज सिंह से कहना चाहता हूं कि आप सत्ता के लिए लाडली बहना की बात करते हैं। लेकिन बहलें और बच्चियां आत्महत्या करने के लिए मजबूर हैं। आप भाषणों में मप्र को विकास में देश में नंबर एक पर बताते हैं। यहां गरीबी के कारण कर्ज ना चुका पाने के कारण लोग मर रहे हैं। आप बड़ी – बड़ी सभाएं करके करोड़ों रुपये जनता का फूंक कर प्रदेश को कर्ज के गर्त में डाल रहे हैं। आगे गोविंद सिंह ने कहा रीवा जिले के सिमरिया विधानसभा क्षेत्र के विश्वकर्मा परिवार के एक व्यक्ति ने लोन लिया। उसे लोन चुकाने के लिए उपर दबाव डाला जा रहा था। गलत तरीके से परेशान किया जा रहा था। इससे परेशान होकर वो पुलिस की शरण में गए और साइबर सेल में शिकायत की। लेकिन, शिवराज सिंह की सरकार और उनके जो तंत्र है पूरी तरह सत्ता के मद में मदांध मदहोश हो गया है।

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