रांची। जिला प्रशासन की ओर से लघु खदानों की नीलामी जल्द की जायेगी। रांची जिला में इसके लिए प्रक्रिया तेज कर दी गयी है। इसके लिए रांची में जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार कर ली गयी है। साथ ही जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट को एनआइसी में अपलोड कर आम लोगों से आपत्ति या सुझाव मांगे गये हैं। आमजनों से आपत्ति या सुझाव मिलने के बाद डीएसआर को स्टेट इनवायरमेंट इंपैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी (सिया) की मंजूरी के लिए भेजा जायेगा। यहां से मंजूरी मिलने के बाद ही खदानों की नीलामी की जायेगी। खनन विभाग की मानें तो लघु खदानों के लिए जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट (डीएसआर) बनाने के बाद ही उसकी नीलामी की जा सकती है। केंद्र सरकार की नयी नियमावली के बाद लघु खदानों की नीलामी प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। इसके लिए रिपोर्ट के आधार पर सिया से मंजूरी मिलनी जरूरी है। जानकारी हो कि केंद्र सरकार की ओर से एमएमडीआर एक्ट में बदलाव के बाद राज्य की सैकड़ों लघु खदानों के लीज धारकों की लीज पिछले कुछ महीनों के दौरान खत्म कर दी गयी थी। इसमें सबसे अधिक पत्थर खदान शामिल हैं, जिनका लीज पिछले कुछ समय में खत्म किया गया। ऐसे में अब इन खदानों की नीलामी जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट बनने के बाद ही संभव है।

बता दें कि इन खदानों की लीज 2020 में समाप्त की गयी थी। लेकिन लीजधारकों के आग्रह पर दो साल का लीज एक्सटेंशन दिया गया। उसके बाद साल 2022 में सभी लीजधारकों की लीज समाप्त कर दी गयी। इसमें रांची जिला में लगभग 260 पत्थर खदानों की लीज खत्म कर दी गयी, जबकि राज्य भर में 4445 पत्थर खदानों से 3403 की लीज समाप्त कर दी गयी है। फिलहाल राज्य में 765 खदान चालू हैं, जहां से पत्थर खनन हो रहा है। जानकारी हो कि केंद्र सरकार की नियमावली में बदलाव के बाद माइनर और मेजर दोनों ही मिनरल्स की लीज को समाप्त किया गया है। हालांकि मेजर मिनरल में कोयला, लौह अयस्क जैसी खदानों की नीलामी में अभी अधिक वक्त लगेगा।

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