रांची। हेमंत सोरेन ने गुरुवार को झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के पहले एक वीडियो संदेश जारी किया। पांच मिनट 14 सेकेंड के इस वीडियो में उन्होंने देश और झारखंड की जनता को याद दिलाया कि 31 जनवरी को उन्होंने इसी जगह से लोगों को एक संदेश दिया था। इस संदेश में उन्होंने कहा था कि विरोधियों ने उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा और उसमें कामयाब भी हुए।

हेमंत ने कहा कि पांच महीने तक इन लोगों ने मुझे अलग-अलग तरीके से लंबे समय तक जेल में रखने का प्रयास किया। हमने भी कानूनी लड़ाई का रास्ता चुना। सड़कों पर आपने हमें भरपूर सहयोग दिया। अंतत: न्याय के आदेश के अनुरूप और न्याय ने मुझे पाक-साफ करार देते हुए बरी किया। आज मैं पुन: आपके सामने हूं।

हेमंत सोरेन ने कहा कि वर्ष 2019 में आप सब लोगों ने मुझे राज्य को एक दिशा देने के लिए और आपकी सेवा करने का मौका दिया था लेकिन षड्यंत्रकारियों को यह पचा नहीं कि एक आदिवासी नौजवान इतने ऊंचे पद पर रहे। अंतत: 31 जनवरी को इन लोगों ने बेबुनियाद आरोपों पर और झूठे मुकदमे बनाकर मुझे मुख्यमंत्री के पद से हटने के लिए मजबूर कर दिया।

झामुमो नेता ने कहा कि भगवान के घर में अंधेर नहीं रहता है। कहीं न कहीं आज आपलोगों की दुआ और आपका आशीर्वाद मिला। झारखंड एकता का जो परिचय आपने दिया है, उसके लिए हम आपके सदैव ऋणी रहेंगे। हमने पहले भी कहा है कि हम झारखंड प्रदेश और यहां के आदिवासी, पिछड़े, दलित, किसान, मजदूर की आवाज हैं। लड़कर झारखंड लिया है। गरीबों को कभी किसी ने प्यार से कुछ नहीं दिया, उन्हें हमेशा संघर्ष करना पड़ा है।

हेमंत सोरेन ने कहा कि जब आपने हमें सेवा करने का मौका दिया, तो हम अनवरत आपके दरवाजे तक पहुंचने की कोशिश की लेकिन इन लोगों ने एड़ी-चोटी का जोर लगाकर हमारे कदमों को कुछ देर के लिए रोक दिया। हम फिर आपके बीच आ रहे हैं। आपका हक-अधिकार आप तक पहुंचाने का मेरा प्रयास रहेगा।मेरा हर एक निर्णय यहां के मूलवासी-आदिवासियों, दबे-कुचले, शोषित-पिछड़े वर्गों के लिए होगा।

हेमंत ने कहा कि शपथ ग्रहण के बाद हमलोग की जो रुकी हुई गाड़ी थी, उसको और गति के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। गांव-गांव तक हम सबलोग पहुंचेंगे। सरकार के विकास कार्यों को रफ्तार दिया जाएगा। अंत में उन्होंने कहा कि झारखंड रुकेगा नहीं, झारखंड झुकेगा नहीं।

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