रांची। भाजपा छोड़ कांग्रेस के टिकट पर हजारीबाग से चुनाव लड़े विधायक जेपी पटेल के साथ पार्टी लाइन के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले विधायक लोबिन हेंब्रम की सदस्यता रद्द कर दी गयी है। स्पीकर कोर्ट ने गुरुवार को यह फैसला सुनाया। दोनों विधायकों की सदस्यता रद्द 26 जुलाई से मानी जायेगी। लोबिन हेंब्रम और जेपी पटेल के दलबदल मामले की सुनवाई स्पीकर रवींद्रनाथ महतो के न्यायाधिकरण में बुधवार को पूरी हो गयी थी। स्पीकर ने लगातार दो दिन दोनों पक्षों को सुना और बुधवार को फैसला सुरक्षित रख लिया। स्पीकर ने दोनों विधायकों के मामले में वादी और प्रतिवादी से गुरुवार दोपहर 12 बजे तक लिखित जवाब मांगा है।
इसके बाद जवाब भी दिया गया। हालांकि जेपी पटेल ने जवाब के लिए 90 दिनों का समय मांगा था। स्पीकर ने इसे खारिज करते हुए गुरुवार को जवाब देने को कहा था। लोबिन हेंब्रम मामले में वादी शिबू सोरेन की ओर से कहना था कि इन्होंने राजमहल लोकसभा का चुनाव पार्टी के विरोध में लड़ा है। इसलिए अनुशासनात्मक कार्रवाई की गयी है। अत: इनकी सदस्यता खत्म करें। प्रतिवादी लोबिन हेंब्रम की ओर से कहा गया कि 1995 में निर्दलीय चुनाव लड़े थे, तब इनको पार्टी ने नहीं निकाला था। आज भी इनको निष्कासित किया गया है। इससे संबंधित कोई सूचना नहीं मिली है। सदन में इन्होंने हेमंत सोरेन के पक्ष में ही वोट दिया था, यानी पार्टी मान रही है कि ये झामुमो के विधायक हैं। इस मामले में भी दोनों पक्षों को सुनने के बाद गुरुवार को लिखित जवाब देने को कहा था।