रांची। निर्दलीय विधायक सरयू राय ने स्वास्थ्य और खाद्य आपूर्ति मंत्री बन्ना गुप्ता को चुनौती देते हुए कहा है कि हिम्मत है, तो अब तक किये गये गोदामों का निरीक्षण प्रतिवेदन और उस पर विभागीय सचिव की टिप्पणी को सार्वजनिक करें। सरयू राय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बन्ना गुप्ता के बारे में कहा है कि उनके सामने तथ्य की बात रखना भैंस के आगे बीन बजाने जैसा है।
राय ने कहा कि गुरुवार को खाद्यान्न को जमीन में गाड़ने के संबंध में मंत्री ने जो बयान जारी किया है और उसके साथ मेरा नाम जोड़ा है, वह उनकी तिकड़मबाजीयुक्त बदमाशी का द्योतक है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ही इसका इलाज कर सकते हैं, क्योंकि इससे उनकी सरकार के चेहरे पर कालिख पुत रही है। यदि उनकी सरकार का एक मंत्री बेसिर-पैर की बात करता है, बयान जारी करने में अपनी अज्ञानता प्रदर्शित करता है, तो कैबिनेट की सामूहिक जिÞम्मेदारी के नाते इसमें उनका भी उत्तरदायित्व बनता है। वैसे तो मंत्री के रूप में शपथ लेते हुए बन्ना गुप्ता ने उल्टा शपथ पढ़ा था। पहला पन्ना बाद में और बाद का पन्ना पहले पढ़ा था। शपथ ग्रहण के समय का वीडियो इसका प्रमाण है, पर इसका मतलब यह नहीं कि वह काम भी उटपटांग करेंगे, जो कि वह कर रहे हैं।
सरयू राय, जो खाद्य आपूर्ति मंत्री रह चुके हैं, ने कहा कि कोई मंत्री जब निरीक्षण करता है, तो एक निरीक्षण प्रतिवेदन तैयार कर संचिका में रखता है। संचिका विभागीय सचिव के पास टिप्पणी के लिए जाती है। विभागीय सचिव संचिका में रक्षित प्रतिवेदन पर विचारोपरांत नियम का हवाला देते हुए विधिसम्मत टिप्पणी के साथ संचिका आदेश के लिए मंत्री के पास भेजता है। मंत्री इस पर विचार कर सचिव की टिप्पणी से अंशत: या पूर्णत: सहमत या असहमत होते हुए आवश्यक आदेश जारी करता है। मंत्री बन्ना गुप्ता ने कडरू गोदाम का निरीक्षण करते समय जो पाया, उसका क्या लिखित प्रतिवेदन संचिका में दिया है और विभागीय सचिव ने इसकी मीमांसा करते हुए जो टिप्पणी नियमानुसार आदेश के लिए मंत्री के रूप मे उनके पास भेजी है, उस पर उन्होंने क्या किया है, यह बन्ना गुप्ता को सार्वजनिक करना चाहिए। न कि अपने मन की भड़ास निकालने वाला बदमाशीपूर्ण वक्तव्य मीडिया के सामने परोस कर अपने अज्ञान और तिकड़म का प्रदर्शन करना चाहिए।

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